कांकेर 18 अप्रैल (आरएनएस) अंतागढ़ में सूखे महुआ और किशमिश की बोरियां पार कर फरार हुए चोर आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ गए और पूछताछ में ऐसा खुलासा हुआ जिसने एक और चोरी की गुत्थी सुलझा दी—थाना अंतागढ़, जिला उत्तर बस्तर कांकेर पुलिस ने मुखबिर सूचना पर घेराबंदी कर दो आरोपियों को पकड़ा, जिनमें रामरतन कोर्राम पिता बज्जू राम कोर्राम उम्र 18 वर्ष निवासी लाटापारा अंतागढ़ और एक विधि से संघर्षरत बालक निवासी जिला नारायणपुर शामिल है, मामला 16 अप्रैल 2026 का है जब प्रार्थी ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसके पिकअप वाहन के डाले में रखे 4 बोरी सूखा महुआ और 1 बोरी हल्की क्वालिटी किशमिश अज्ञात लोग चोरी कर ले गए, जिससे करीब 8 हजार रुपए का नुकसान हुआ, पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशीष बंछोर तथा एसडीओपी शुभम तिवारी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी के नेतृत्व में टीम बनाई गई, तकनीकी और स्थानीय इनपुट के साथ संदिग्धों की तलाश तेज हुई, अंतागढ़ और नारायणपुर में दबिश दी गई और दोनों आरोपियों को पकड़कर थाने लाया गया, सख्ती से पूछताछ में आरोपियों ने चोरी करना कबूल किया और अपने नेटवर्क का खुलासा किया, यहीं नहीं आरोपी रामरतन कोर्राम ने एक और सनसनीखेज खुलासा करते हुए थाना अंतागढ़ के अपराध क्रमांक 15/2026 में अखिलेश चंदेल के घर के पास से चोरी हुई HF Deluxe मोटरसाइकिल चोरी करना भी स्वीकार किया, पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 2 बोरी सूखा महुआ, 1 बोरी सूखा अंगूर, चोरी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल जिसकी कीमत करीब 33 हजार रुपए है और 500 रुपए नगद बरामद किए, इस पूरे मामले में अपराध क्रमांक 24/2026 और 15/2026 के तहत धारा 303(2) बीएनएस में कार्रवाई की गई, रामरतन को 17 अप्रैल को शाम 4:30 बजे और बालक को 18 अप्रैल को सुबह 11 बजे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया जहां से दोनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया, इस कार्रवाई में थाना प्रभारी रमेश जायसवाल, प्रधान आरक्षक नरेंद्र देव मांझी, अजेन नरेटी, आरक्षक मस्सूराम दर्रो और डीएसएफ जवान शंभू उसेंडी की अहम भूमिका रही, पुलिस ने क्षेत्र के लोगों से अपील की है कि घर और दुकानों में सीसीटीवी लगाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत हेल्पलाइन नंबर 94791-94114 और 94791-55125 पर दें, साफ है कि छोटी दिखने वाली चोरी भी बड़े अपराध का सिरा बन सकती है और सतर्क नागरिक ही ऐसे अपराधों पर सबसे बड़ी रोक हैं।
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