०समाज कल्याण विभाग की पहल से मानसिक स्वास्थ्य में सुधार, दो साल बाद परिजनों से हुई मुलाकात
रायपुर,18 अप्रैल (आरएनएस)। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित एकीकृत महिला सहायता केंद्र ‘अपराजिता जरूरतमंद महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। इसका एक प्रेरक उदाहरण महाराष्ट्र के मालेगांव निवासी मेहमूदा बानो हैं, जिन्हें उपचार एवं देखभाल के बाद उनके परिजनों को सुरक्षित सुपुर्द किया गया। मेहमूदा बानो (उम्र 40 वर्ष), जो मानसिक रूप से अस्वस्थ अवस्था में पाई गई थीं, उन्हें 24 जून 2024 को रायपुर स्थित अपराजिता इंटीग्रेटेड वूमेन असिस्टेंस सेंटर में उपचार हेतु भर्ती कराया गया था। केंद्र में निरंतर चिकित्सा, परामर्श एवं देखभाल के परिणामस्वरूप उनकी मानसिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ।स्वास्थ्य में सुधार के पश्चात 13 अप्रैल 2026 को मेहमूदा बानो को उनके परिजनों को सौंप दिया गया। यह पुनर्मिलन उनके जीवन में एक नई शुरुआत का प्रतीक बना।उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 में स्थापित इस महिला सहायता केंद्र का उद्देश्य मानसिक रूप से अस्वस्थ एवं असहाय महिलाओं को मनोवैज्ञानिक परामर्श, उपचार एवं अस्थायी आश्रय प्रदान करना है। अब तक इस केंद्र से लगभग 150 हितग्राही लाभान्वित हो चुके हैं।केंद्र द्वारा प्रत्येक माह कम से कम दो हितग्राहियों के स्वास्थ्य सुधार कर उन्हें परिजनों को सौंपने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। साथ ही, सुपुर्दगी के बाद भी हितग्राहियों के स्वास्थ्य की नियमित जानकारी ली जाती है।समाज कल्याण विभाग की यह पहल न केवल महिलाओं के पुनर्वास में सहायक सिद्ध हो रही है, बल्कि उन्हें सम्मानजनक जीवन की ओर पुन: अग्रसर करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।योजना का लाभ लेने हेतु हेल्पलाइन नंबर 155326 एवं टोल फ्री नंबर 1800-233-8989 पर संपर्क किया जा सकता है।
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