जशपुर 19 अप्रैल (आरएनएस) बागबहार थाना क्षेत्र के फरसाटोली गांव में एक जन्मदिन की रात खूनी वारदात में बदल गई, जहां पारिवारिक विवाद ने इतना खतरनाक मोड़ लिया कि छोटे साले और भाभी ने मिलकर अपने ही जीजा को लात-मुक्कों और डंडे से बेरहमी से पीट दिया, और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई, इस सनसनीखेज मामले में कोतबा चौकी पुलिस ने तेजी दिखाते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, मृतक की पहचान 40 वर्षीय मुरली राम यादव के रूप में हुई है, जबकि आरोपी शिवकुमार यादव (35 वर्ष) और मिथिला यादव (37 वर्ष) को पुलिस ने हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है, घटना 30 मार्च 2026 की रात की है जब मृतक अपने बेटे का जन्मदिन मनाने के बाद अपनी पत्नी के मायके पहुंचा, जहां पहले से चल रहे पारिवारिक तनाव ने अचानक हिंसक रूप ले लिया, बताया जा रहा है कि प्रेम विवाह के चलते मृतक और ससुराल पक्ष के बीच अक्सर विवाद होता था, उसी पुरानी रंजिश के चलते उस रात करीब 11 बजे नशे की हालत में पहुंचे मुरली राम का अपने छोटे साले और भाभी से विवाद हुआ, देखते ही देखते बहस मारपीट में बदल गई और आरोपी शिवकुमार ने मुरली राम को जमीन पर पटक दिया, उसके सीने और पेट पर चढ़कर बेरहमी से लात-घूंसे बरसाए, वहीं मिथिला यादव ने भी डंडे से हमला कर दिया, पत्नी के बीच-बचाव के बाद आरोपियों ने उसे छोड़ा लेकिन तब तक गंभीर चोटें लग चुकी थीं, आधी रात को किसी तरह घर लौटे मुरली राम की हालत अगले दिन बिगड़ गई, पत्नी उसे इलाज के लिए कोतबा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गई, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए उड़ीसा के सुंदरगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, लेकिन 4 अप्रैल को इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया, मामले में सुंदरगढ़ पुलिस ने प्रारंभिक कार्रवाई के बाद केस को जशपुर पुलिस को सौंपा, जहां कोतबा चौकी में अपराध क्रमांक 38/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) और 3(5) के तहत हत्या का मामला कायम किया गया, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सीने में गंभीर चोट को मौत की वजह बताया गया, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया और पर्याप्त सबूत मिलने पर 18 अप्रैल 2026 को उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया, पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल डंडा भी जब्त कर लिया है, इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी बागबहार निरीक्षक अशोक कुमार शर्मा, कोतबा चौकी प्रभारी उप निरीक्षक बृजेश कुमार यादव सहित पुलिस टीम की अहम भूमिका रही, यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि पारिवारिक विवाद और गुस्से का एक पल किस तरह जिंदगी खत्म कर सकता है—रिश्तों की आग जब भड़कती है तो उसका अंजाम अक्सर सिर्फ तबाही होता है।
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