बस्तर 19 अप्रैल (आरएनएस) उत्तर बस्तर कांकेर के सुदूर और संवेदनशील माड़ इलाके में इस बार पुलिस सिर्फ सुरक्षा नहीं बल्कि भरोसा और राहत लेकर पहुंची, पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा के नेतृत्व में 18 अप्रैल 2026 को कांकेर और नारायणपुर सीमा से लगे डोमांज, मुतनतोड़ा, उकाट, बड़ेकोट और गेड़ाबेड़ा जैसे दूरस्थ गांवों में विशेष सिविक एक्शन कार्यक्रम चलाया गया, जहां पहली बार कई ग्रामीणों ने पुलिस को इतनी नजदीक से अपने बीच देखा और अपनी समस्याएं खुलकर साझा कीं, कार्यक्रम का मकसद साफ था—डर की दूरी खत्म कर भरोसे की नींव मजबूत करना, पुलिस टीम ने गांव-गांव जाकर लोगों से सीधा संवाद किया, उनकी जरूरतें सुनीं, समस्याओं को नोट किया और मौके पर ही राहत सामग्री जैसे साड़ी, धोती, चप्पल, गमछा, टी-शर्ट, लोवर, कंबल और राशन बांटकर तत्काल मदद पहुंचाई, साथ ही ग्रामीणों को शासन की योजनाओं से जोड़ने के लिए जागरूक किया गया, महतारी वंदन योजना, वृद्धा पेंशन, राशन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक खाता और आयुष्मान कार्ड जैसी योजनाओं की जानकारी दी गई और पात्र लोगों को जल्द लाभ दिलाने के लिए विभागों से समन्वय का भरोसा दिया गया, स्वास्थ्य सुविधाओं से दूर इन गांवों में पुलिस ने गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने और बेहतर इलाज सुनिश्चित करने की जानकारी दी, बच्चों की शिक्षा पर भी खास जोर दिया गया और अभिभावकों से कहा गया कि वे बच्चों को नियमित स्कूल भेजें ताकि आने वाला भविष्य मजबूत हो सके, इस दौरान पुलिस ने शांति, भाईचारे और विकास के लिए ग्रामीणों से सहयोग की अपील की और भटके युवाओं को मुख्यधारा में लौटने का संदेश देते हुए आत्मसमर्पण कर सामान्य जीवन अपनाने की बात कही, पूरे अभियान में थाना प्रभारी कोयलीबेड़ा निरीक्षक निर्मल जांगड़े, निरीक्षक मनीष नेताम, उप निरीक्षक विजय कुलदीप, सहायक उप निरीक्षक सम्पत टांडिया सहित डीआरजी के जवान सक्रिय रहे और हर गांव में पहुंचकर लोगों के साथ विश्वास का रिश्ता बनाया, कांकेर पुलिस ने साफ किया कि वह सिर्फ कानून लागू करने नहीं बल्कि हर जरूरत में साथ खड़ी रहने के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी आपात स्थिति में हेल्पलाइन 94791-55125 पर संपर्क किया जा सकता है—यह पहल साबित करती है कि जब सुरक्षा के साथ संवेदना जुड़ती है तो दूरियां नहीं, रिश्ते बनते हैं।


