०पुसपाल में ईको-टूरिज्म विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
०वन मंत्री ने किया रिसॉर्ट एवं ओपन रेस्टोरंट का किया भूमिपूजन
कोण्डागांव,19 अप्रैल (आरएनएस)। पुसपाल क्षेत्र जो पिछले कई वर्षों से माओवाद से प्रभावित होने के कारण यहां आवागमन और पर्यटक गतिविधियां रूकी हुई थी, अब केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार के संयुक्त प्रयास से एवं दृढ़ इच्छाशक्ति से माओवाद समाप्त होने के बाद शांति स्थापित हुई है, जिससे पर्यटन विकास की संभावनाएं पुन: साकार हो रही है। यह पुसपाल में प्रकृति द्वारा दी गई इस क्षेत्र की प्राकृतिक सुन्दरता को ईको-टूरिज्म के माध्यम से विकसित करने के लिये शनिवार को वनमंत्री केदार कश्यप ने ग्राम परौदा में पर्यावरण एवं वानिकी मद से 01 करोड़ 45 लाख 96 हजार की लागत से रिसार्ट का भूमिपूजन किया। इसी तरह पुसपाल में चक्रिय निधि से 01 करोड़ 70 लाख की लागत राशि से नदी तट में एक ओपन रेस्टॉरेंट निर्माण कार्य का भी भूमिपूजन किया। वन मंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र को ईको-टूरिज्म क्षेत्र के रूप में विकसित करने का मूल उद्देश्य कोण्डागाँव-बस्तर ईको-टूरिज्म सर्किट का विकास करना है। वर्तमान में बस्तर आने वाले पर्यटक टाटामारी में सूर्योदय का आनंद उठाते हैं तत्पश्चात् कोण्डागाँव होते हुए सीधे चित्रकूट की ओर आकर्षित होते थे, अब भंवरडीह नदी में ए.टी.व्ही राईड, एडवेंचर राईड, रिवर राफ्टिंग, बम्बू राफ्टिंग की गतिविधियां संचालित होगी जिसका पर्यटक भरपुर आनंद उठा पायेंगे तथा पुसपाल वैली में इको-टूरिज्म विकसीत होने से पुसपाल वैली व्यू प्वाइंट से सूर्यास्त के मनोरम दृश्य का अदभूत आनंद उठाने के पश्चात् अनोखे प्रकार के ईको कॉटेज में पर्यटक रात्रि विश्राम कर सकेंगे। यह स्थल रात्रिकाल में भी पर्यटकों के लिये अनोखा होगा। कॉटेज की सुविधा होने से पर्यटक तारों भरे आकाश का रात्रि में अभूतपूर्व अनुभव कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में ईको-टूरिज्म विकसित होने से यहां के स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे जिससे एक स्थाई आय प्राप्त होगा तथा यहां की संस्कृति की पहचान देश-विदेश में बनेगी। कार्यक्रम में वन मंत्री कश्यप के द्वारा इस क्षेत्र के तेन्दूपत्ता संग्राहकों को संग्रहण कार्ड प्रदाय किया गया तथा सभी संग्राहक से अपील किया गया कि प्रत्येक संग्राहक कम से कम 500 गड्डी तेन्दूपत्ता जरूर तोड़े ताकि संग्राहकों को शासन की सभी योजनाओं का लाभ प्राप्त हो सके। सभी संग्राहक अच्छी गुणवत्ता का पत्ता तोड़े ताकि अधिक दर में विक्रय होने पर संग्राहकों को बोनस का लाभ मिल सकेगा। अंत में वन मंत्री एवं वनमंडलाधिकारी कोण्डागाँव वनमंडल द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों स्थानीय ग्रामीणों से वनों को आग से बचाने, वनों की सुरक्षा करने तथा अवैध अतिक्रमण को रोकने की अपील की गई।कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य यशोदा कश्यप, स्थानीय जन प्रतिनिधिगण, इस क्षेत्र के सम्माननीय ग्रामीण, वनमंडलाधिकारी चूड़ामणी सिंह (भा.व.से.), जिला पंचायत सीईओ श्री अविनाश भोई, उपवनमंडलाधिकारी आशीष कोट्रीवार, केजूराम पोयाम सहित पवन कोर्राम, भेलकू बघेल, लक्ष्मीनारायण बेलसरिया, परमेश्वर नेताम, पूनम ठाकुर, चीतूकोर्राम, रामचंद्र कश्यप, जयंती कश्यप, भकचंद कश्यप, टिकेश्वर सेठिया, एसडी ओपी सतीश भार्गव, रूपेश कुमार., जनपद सीईओ उत्तम महोबिया, तहसीलदार विजय प्रताप सिंह, समस्त परिक्षेत्र अधिकारी एवं वन विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे।
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