लखनऊ 19 अप्रैल (आरएनएस )। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि समाजवादी पार्टी का व्यवहार भाजपा की तरह नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा कि लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक में हार के बाद भाजपा में बौखलाहट और हताशा है तथा विपक्ष, विशेषकर उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के खिलाफ प्रायोजित षड्यंत्र के तहत विरोध कराया जा रहा है।अखिलेश यादव ने पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को निर्देश देते हुए कहा कि भाजपा के भ्रामक और दूषित प्रचार का जवाब देने में संयम बरतें तथा धरना-प्रदर्शन से बचें। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की महिलाओं और कार्यकर्ताओं को अनुशासन बनाए रखते हुए भाजपा की साजिशों और षड्यंत्रों से सावधान रहना चाहिए।अखिलेश यादव आज समाजवादी पार्टी के राज्य मुख्यालय, लखनऊ के डॉ. राममनोहर लोहिया सभागार में बड़ी संख्या में उपस्थित कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भाजपा महिला आरक्षण के मुद्दे पर भ्रांतियां और झूठ फैला रही है। उन्होंने कहा कि आधी आबादी में 66 प्रतिशत आबादी पिछड़े वर्गों की है और समाजवादी चिंतक डॉ. राम मनोहर लोहिया पिछड़ों में महिलाओं को भी शामिल करते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पिछड़ों, महिलाओं और अल्पसंख्यकों को उचित स्थान नहीं देना चाहती और 33 प्रतिशत महिला आरक्षण के नाम पर अपनी मनमानी करना चाहती है।उन्होंने कहा कि अब पार्टी का ध्यान पूरी तरह उत्तर प्रदेश पर केंद्रित होना चाहिए, क्योंकि वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव लोकतंत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होंगे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा की हार का असर केंद्र की सरकार पर भी पड़ेगा, इसलिए प्रदेश को भाजपा के प्रभाव से मुक्त कराना जरूरी है।अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि महंगाई और बेरोजगारी भाजपा शासन में लगातार बढ़ रही है, जबकि शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ रही है। उन्होंने कहा कि खाद, बीज और कीटनाशकों की समस्या से किसान परेशान हैं और आम लोगों के जीवन में कठिनाइयां बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के सत्ता से हटने पर ही प्रदेश में खुशहाली आएगी और महिलाओं, किसानों तथा नौजवानों को राहत मिल सकेगी।
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