कोरबा 20 अप्रैल (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ के कोरबा नगर सहित जिले के अधिकांश पेट्रोल पंपों में डीजल और पेट्रोल का स्टॉक नील हो गया है। लिहाजा जरूरतमंद लोग पेट्रोल पंपों का चक्कर काट रहे हैं और बैरंग वापस लौट रहे हैं। डीजल और पेट्रोल की किल्लत के चलते चैतरफा हाहाकार मचा हुआ है।
इजरायल – अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद पूरे देश में डीजल पेट्रोल और गैस की किल्लत होने और मूल्य वृद्धि का अंदेशा होने लगा था। लेकिन अब तक स्थिति सामान्य बनी हुई थी। यह जरूर है कि तेल कंपनियां डीजल पेट्रोल की आपूर्ति को नियंत्रित कर रही थी और सभी पेट्रोल पंप में डीजल पेट्रोल की उपलब्धता की जानकारी लेकर ईंधन उपलब्ध करा रहे थे। लेकिन रविवार को डीजल पेट्रोल की आपूर्ति नहीं होने के कारण कोरबा सहित पूरे जिले में अधिकांश पेट्रोल पंप ड्राई हो गए।
रविवार की सुबह जब लोग डीजल पेट्रोल के लिए पंप पर पहुंचे तो उन्हें पता चला कि डीजल पेट्रोल का स्टॉक नहीं होने के कारण उन्हें बैरंग लौटना पड़ेगा। देखते ही देखते डीजल पेट्रोल के किल्लत की खबर आम हो गई। इसके साथ ही पेट्रोल पंप में बड़ी संख्या में लोग डीजल पेट्रोल के लिए पहुंचने लगे। लेकिन स्टॉक नील होने के कारण लोगों को मायूस होना पड़ा।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ईंधन की आपूर्ति करने वाली कंपनियां पिछले कुछ हर्ष से ही कम मात्रा में डीजल पेट्रोल की आपूर्ति करने लगी थी। परंतु अभी तक डीजल पेट्रोल का स्टॉक किसी भी पेट्रोल पंप में मिल नहीं हुआ था। अमेरिका इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग के दौरान भी कभी ऐसा नहीं हुआ कि लोगों को डीजल या पेट्रोल नहीं मिला हो। अब जबकि अमेरिका और ईरान के बीच निर्धारित समय तक के लिए सीरीज फायर हो चुका है और इजरायल और लेबनान ने भी टेबल टॉप शुरू कर दिया है, तब डीजल और पेट्रोल की आपूर्ति कोरबा में लगभग ठप्प हो गई है। कोरबा जिले में ही इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन का टर्मिनल है, परंतु जिले के भीतर ही डीजल पेट्रोल की नियमित आपूर्ति नहीं की जा रही है। संदेह जताया जा रहा है कि डीजल पेट्रोल की आपूर्ति को जानबूझकर शिथिल किया गया है ताकि बाद में मूल्य वृद्धि के साथ कंपनी ज्यादा लाभ अर्जित कर सके। बहरहाल आम नागरिकों में अपराध अफ्रीका माहौल है।
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