-सह-फसल तकनीक अपनाई व मुख्य फसल के साथ छोटी अवधि वाली फसलें
अयोध्या 20 अप्रैल (आरएनएस)। जनपद के सोहावल विकास खंड के छोटे से गांव मंगलसी में रहने वाले शोभाराम की कहानी किसी प्रेरणा से कम नहीं है। महज 2 एकड़ जमीन के मालिक, सीमांत किसान शोभाराम ने अपनी मेहनत और समझदारी से खेती को एक नई पहचान दी है। पहले उनकी खेती पारंपरिक थी एक मौसम, एक फसल और सीमित आमदनी। लेकिन उन्होंने सोचा, जब जमीन छोटी है, तो सोच बड़ी करनी होगी। यही सोच उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट बनी। उन्होंने बहुफसली मॉडल अपनाया। इसके लिए उन्होंने समय-समय पर आयोजित किसान गोष्ठियों में प्रतिभाग किया और केंद्र तथा राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही कृषि योजनाओं का भी लाभ लिया। अब उनके खेत में एक साथ कई फसलें लहलहाती हैंकृगेहूं, धान, चना, आलू, केला, मिर्च, लहसुन, धनिया, हल्दी, आम, मक्का और गेंदा। खेत ऐसा लगता है जैसे एक छोटा-सा हरा बाजार हो, जहां हर मौसम में कुछ न कुछ तैयार रहता है। शोभाराम ने सह-फसल तकनीक अपनाई मुख्य फसल के साथ छोटी अवधि वाली फसलें। इससे न सिर्फ जमीन का पूरा उपयोग हुआ, बल्कि जोखिम भी कम हो गया। अगर एक फसल खराब हो जाए, तो दूसरी संभाल लेती है। उन्होंने खेत में खरपतवार को भी दुश्मन नहीं, दोस्त बना लिया। फसल के अवशेषों से मल्चिंग कर मिट्टी की नमी बनाए रखते हैं और खरपतवार को नियंत्रित करते हैं। मृदा स्वास्थ्य की जानकारी के लिए समय-समय पर उसकी जांच कराते रहे है। मृदा स्वास्थ्य के लिए बेस्ट डीकम्पोजर का भी उपयोग करते हैं, जिससे जमीन की उर्वरता लगातार बढ़ रही है। कीट नियंत्रण के लिए उन्होंने रासायनिक दवाओं पर निर्भरता कम कर दी है। आईपीएम तकनीक के तहत चिपकने वाला जाल और फेरोमोन्स ट्रैप का इस्तेमाल करते हैं। इससे फसल सुरक्षित रहती है और लागत भी घटती है। यही नहीं, शोभाराम खेती के साथ बकरी पालन भी करते हैं। इससे उन्हें अतिरिक्त आय मिलती है और खेत के लिए जैविक खाद भी उपलब्ध हो जाती है। आज उनकी स्थिति यह है कि उनके परिवार की अधिकांश जरूरतें उनके अपने खेत से ही पूरी हो जाती हैं। बाजार पर निर्भरता कम हो गई है और आमदनी के कई स्रोत बन गए हैं। शोभाराम अब सिर्फ एक किसान नहीं, बल्कि गांव के लिए मिसाल बन चुके हैं। आसपास के किसान उनके खेत देखने आते हैं, सीखते हैं और उनके तरीके अपनाने लगे हैं। उनकी कहानी यही सिखाती है छोटी जमीन बाधा नहीं, सही सोच और नवाचार से वही जमीन सफलता की कहानी लिख सकती है।”
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