नई दिल्ली 21 April, (Rns): 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी। अपने प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध इस पर्यटन स्थल पर उस दिन खून-खराबा और चीख-पुकार का भयावह दृश्य था।
इस जघन्य हमले की पहली बरसी की पूर्व संध्या पर भारतीय सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को याद किया। सेना ने लिखा, “जब इंसानियत की हदें पार होती हैं, तो जवाब भी निर्णायक होता है। न्याय मिल गया। भारत एकजुट है।” साथ ही एक ग्राफिक साझा किया गया, जिस पर लिखा था— “कुछ हदें कभी पार नहीं की जानी चाहिए। भारत भूलता नहीं है।”
पहलगाम हमले के बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में मौजूद आतंकी ठिकानों पर निर्णायक कार्रवाई की थी। इस अभियान में नौ बड़े आतंकी लॉन्चपैड नष्ट किए गए और लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद तथा हिज्बुल मुजाहिदीन जैसे संगठनों के ठिकानों को निशाना बनाया गया।
इस कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकियों के मारे जाने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिनों तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। भारी नुकसान के बाद पाकिस्तान के डीजीएमओ ने भारत के डीजीएमओ से संपर्क कर संघर्ष विराम की अपील की, जिसके बाद 10 मई को दोनों देशों के बीच सहमति बन गई।
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को स्पष्ट राजनीतिक निर्देशों और तीनों सेनाओं के बेहतर समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण बताया था। वहीं, स्वतंत्रता दिवस 2025 पर लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मिशन सुदर्शन चक्र’ की घोषणा की, जिसका उद्देश्य घुसपैठ को रोकना और भारत की आक्रामक क्षमताओं को और मजबूत करना है।

