बिलासपुर 21 अप्रैल (आरएनएस) तोरवा थाना क्षेत्र में मामूली ई-रिक्शा चलाने का विवाद अचानक हिंसक टकराव में बदल गया जहां गाली-गलौच, मारपीट और जान से मारने की धमकी तक मामला पहुंच गया लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने पूरे खेल को पलट दिया और चारों आरोपी सलाखों के पीछे पहुंच गए, प्रार्थी मोहित प्रसाद गौतम ने 17 अप्रैल 2026 को थाना तोरवा में शिकायत दर्ज कराई कि आरोपी आकाश उर्फ छोटू यादव, आशीष उर्फ लाली यादव, किशन यादव और पारस यादव सभी निवासी पावर हाउस देवरीडीह ने ई-रिक्शा चलाने को लेकर विवाद के दौरान अश्लील गालियां दीं, मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी, मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना तोरवा में अपराध क्रमांक 200/2026 धारा 296, 115(2), 351(3), 118(1), 3(5) बीएनएस के तहत केस दर्ज कर तत्काल विवेचना शुरू की गई, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल और नगर पुलिस अधीक्षक गगन कुमार के निर्देश पर थाना प्रभारी रजनीश सिंह के नेतृत्व में टीम गठित की गई और आरोपियों की लगातार पतासाजी शुरू हुई, पुलिस ने मुखबिर सूचना और दबिश के जरिए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, पूछताछ में आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया जिसके बाद उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, इसी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक स्थायी वारंटी सुरेश पटेल उर्फ मुकेश उर्फ पतलू निवासी तोरवा बस्ती पटेल पारा को भी दबोचकर कोर्ट में पेश किया, इस पूरी कार्रवाई ने साफ कर दिया कि शहर में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के लिए अब कोई जगह नहीं बची है और पुलिस का संदेश साफ है—विवाद चाहे छोटा हो या बड़ा, कानून हाथ में लिया तो अंजाम सीधे जेल होगा।


