अजय दीक्षित
कांग्रेस के लोकसभा में नेता राहुल गांधी ने कहा है कि बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने धर्म आधारित ध्रुवीकरण कर भारतीय जनता को को बंगाल में घुसने का मौका दिया है।
बंकिम चंद्र चटर्जी, रविंद्र नाथ टैगोर, रामकृष्ण परमहंस, और विवेकानंद एवम आनंद मठ की धरती
पश्चिम बंगाल में 29 अप्रैल को उन 144 सीटों पर विधानसभा चुनाव है जिन पर 2021 में भारतीय जनता पार्टी 18 सीट जीती थी जबकि 59 अन्य सीट पर 23अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में जीती थी इस प्रकार कुल 77 विधायक चुने गए थे।
ये सभी सीटें उत्तरी बंगाल और मध्य बंगाल में है ये सीटें दार्जलिंग, सिलीगुड़ी, न्यू जलपाईगुड़ी, और असम से लगी सीमा, मध्य बंगाल में बर्धमान, मालदा, वीरभूमि, मेदिनीपुर, बांकुरा, चौबीस परगना में है ।
29 अप्रैल को चुनाव होंगे वे कोलकाता, मुर्शिदाबाद, मालदा, 24 परगना, प्रेसीडेंसी और बिहार से लगे सीमा पर है।कुल 294 सीट में से 142 सीट पर ममता बनर्जी के गढ़ में 29 अप्रैल को मतदान है । भारतीय जनता पार्टी 23 अप्रैल की 152 में से अगर 95 सीट जीत गई तो उसे बहुमत मिल सकता है।
अब राजनीतिक अकड़ेबाज अभिताभ तिवारी कहते है ।2021 की तुलना में भारतीय जनता पार्टी का हिंदू वोट कंसोलिडेटेड हुआ है।2021 में भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के बीच 40 ,48 प्रतिशत का फासला था । हिंदुओं में भाजपा को एससी,एसटी,ओबीसी, में अच्छा समर्थन था लेकिन उसे अपर कास्ट हिंदुओं का समर्थन नहीं मिला। क्योंकि ये भद्र लोक सेकुलर है और मुस्लिम से मिलकर तुड़मूल कांग्रेस का वोटर और 20 फीसदी के आसपास है लेकिन इस बार ऐसा लगता है कि इसमें से 10, फीसदी यानि आधा वोट भारतीय जनता पार्टी की ओर जा सकता है।कुल वोट भाजपा के पक्ष 45 फीसदी वोट हो सकता है। ममता बनर्जी का कोर वोट महिलाओं में भी भाजपा ने सेंध मारी की है ।
लेकिन मुस्लिम वोट धुव्रीकरण हो सकता है और बजाय कांग्रेस, सीपीएम, एआईएमआईएम, को मिलने सीधा भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ तुड़मूल कांग्रेस को जा सकता है।ममता बनर्जी ने अधिकतर सीट पर सभाएं की है। अभिषेक बनर्जी भी खूब रैली कर रहे हैं।
भारतीय जनता पार्टी की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सुबेंदु अधिकारी, दिलीप घोष, लॉकेट चटर्जी, मप्र के मुख्यमंत्री मोहन यादव, असम के मुख्यमंत्री हेमंत शर्मा अनेक लोग इस चुनाव में पूरी ताकत झोंके है।बंगाल के गार्जियन के कोलकाता स्थित ब्यूरो प्रमुख आसिफ मुस्तफा कहते हैं कि ऐसा चुनाव उन्होंने जीवन में नहीं देखा है। भारतीय जनता पार्टी ने ममता बनर्जी के समक्ष जैसे तलवार उथली है।
चुनाव आयोग ने 2 लाख पेरा मिलिट्री फोर्स लगाया है।
प्रत्येक बूथ पर सीसीटीवी कैमरा और उन्हें इंटरनेट से जोड़ा गया है इनकी ऑब्जर्वेशन के लिए प्रत्येक 100 बूथ पर एसडीएम स्तर का अधिकारी तैनात किया गया है।राज्य के सभी जिलों के कलेक्टर, आयुक्त, राज्य पुलिस डायरेक्टर जनरल चुनाव आयोग ने तैनात किए हैं।
वोटिंग के दिन या प्रचार बंद होने से मतदान पूरा होने तक मोटरसाइकिल,बस,अन्य बहन नहीं चल सकेंगे।
6 अप्रैल को जब प्रणब राव ने एक्सिस माई इंडिया के लिए सर्वे किया था तब 140 से160 सीट तुड़मूल कांग्रेस को 120 से 140 सीट भारतीय जनता पार्टी को मिलती दिख रही थी लेकिन 20 अप्रैल का सर्वे बराबर पर आ पहुंचा है।
जयंत घोषाल कहते हैं कि भारतीय जनता पार्टी को प्रेसीडेंसी में बढ़त हासिल हुई है।
लेकिन 15 वर्ष की सत्ता विरोधी लहर भी ममता बनर्जी का खेल बिगाड़ सकती है।
लोगो में भ्रष्टाचार, भाई भतीजा बाद,सड़क में गड्ढे, केंद्रीय योजनाओं का लाभ न मिलना , बेरोजग़ारी, पलायन, शिक्षा, चिकित्सा, जैसे मुद्दे है। स्वप्न दास गुप्ता कहते कि भारतीय जनता पार्टी के साथ भी कमियां हैं कि प्रदेश भाजपा में गुटबाजी है। और संगठन ,बूथ पर कमजोर लेकीन है । आनंद बाजार पत्रिका में आज एक लेख छपा है जिसमें कहा गया है कि अब बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी का उदय संभव है क्योंकि तुड़मूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में अपनी पार्टी के प्रति नाराजगी है।तुड़मूल के असामाजिक तत्वों ने सुबेदु सरकार को दराज पर में हमला किया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नदिया जिले की सभा में व्यंग किया कि झाल पूरी उनने खाई और मिर्ची तुड़मूल कांग्रेस को लग गई।
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