लखनऊ ,25 अपै्रल (आरएनएस)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि देश और प्रदेश का किसान आज गंभीर संकट से गुजर रहा है और मौजूदा सरकार की नीतियों के कारण खेती लगातार अलाभकारी होती जा रही है। उन्होंने कहा कि जब खेत मुस्कुराएगा तभी देश मुस्कुराएगा और किसान की खुशहाली से ही देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की आय बढ़ाने के बड़े-बड़े दावे किए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर किसान की स्थिति पहले से अधिक कठिन हुई है।अखिलेश यादव ने आज वीडियो माध्यम से गाजियाबाद में ‘विजन इंडियाÓ कार्यक्रम के अंतर्गत ‘किसान क्यों पीडि़त, क्यों परेशानÓ विषय पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम के उपरांत समाजवादी पार्टी प्रदेश मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने किसानों के हित में कोई ठोस कार्य नहीं किया, जिसके कारण किसान अनेक प्रकार की परेशानियों का सामना कर रहा है। इस अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र चौधरी, पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन तथा प्रो. सुधीर पंवार भी उपस्थित रहे।
अखिलेश यादव ने कहा कि किसान पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। फसल बीमा और कृषि ऋण लेने के बाद भी किसान संकट से बाहर नहीं निकल पा रहा है। उन्होंने कहा कि किसान को कीटनाशक, बीज, खाद और डीजल महंगे दामों पर खरीदने पड़ रहे हैं, जिससे खेती का खर्च बढ़ गया है और लाभ कम हो गया है। उन्होंने आशंका जताई कि विदेशों से बड़े पैमाने पर कृषि उत्पाद आने से देश के किसानों पर और अधिक दबाव पड़ेगा तथा उनकी स्थिति और कमजोर हो सकती है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते किसानों के हित में ठोस नीतियां नहीं बनाई गईं तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर इसका गहरा असर पड़ेगा।उन्होंने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की नींव है और यदि यही नींव कमजोर हो जाएगी तो आर्थिक विकास और खुशहाली के आंकड़े प्रभावित होंगे। उन्होंने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, रासायनिक पदार्थों का प्रयोग कम करने और किसानों को अनुदान पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही बीज परीक्षण प्रयोगशालाओं और गुणवत्ता जांच व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत बताई, ताकि किसानों को नकली और निम्न गुणवत्ता वाले बीजों से बचाया जा सके।अखिलेश यादव ने बिजली संकट का मुद्दा उठाते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने अपने कार्यकाल में कोई नया बिजली उत्पादन संयंत्र स्थापित नहीं किया। उन्होंने कहा कि हरदुआगंज, पनकी, नेवेली, घाटमपुर, झांसी और टांडा सहित कई बिजली परियोजनाएं समाजवादी सरकार के कार्यकाल में शुरू की गई थीं। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने केवल स्मार्ट मीटर लगाने पर जोर दिया है, जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार बनने पर स्मार्ट गांव की अवधारणा को आगे बढ़ाया जाएगा और गांवों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।उन्होंने अपने कार्यकाल की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि समाजवादी सरकार में सौर ऊर्जा आधारित गांव की स्थापना की गई थी, जिसका उद्घाटन पूर्व राष्ट्रपति ए.पी.जे. अब्दुल कलाम द्वारा किया गया था। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इसी प्रकार के गांव विकसित किए जाएंगे, जहां किसानों और ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादी सरकार बनने पर किसानों को अनुदान दिया जाएगा, फसल नुकसान की पूरी भरपाई की जाएगी तथा किसान दुर्घटना बीमा योजना को पुन: प्रभावी बनाया जाएगा।अखिलेश यादव ने कहा कि भविष्य में समाजवादी सरकार 23 फसलों के साथ दूध को भी न्यूनतम समर्थन मूल्य के दायरे में लाने का प्रयास करेगी। इसके साथ ही भंडारण सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा और प्रोत्साहन योजनाओं को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि किसान अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि यदि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य समय पर मिल जाए तो उनकी आर्थिक स्थिति स्वत: सुदृढ़ हो सकती है।उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक का उपयोग बढऩे के साथ किसानों को भी तकनीक से जोडऩा आवश्यक है। समाजवादी सरकार के दौरान द्रुतगामी मार्गों के माध्यम से शहरों को जोडऩे के साथ-साथ कृषि मंडियों का भी विकास किया गया था। कन्नौज में आलू के लिए विशिष्ट मंडी और इटावा–मैनपुरी के बीच फल एवं सब्जी मंडी विकसित की जा रही थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने इन परियोजनाओं को रोक दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई किसान बाजारों को बंद या बेच दिया गया, जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने में कठिनाई हो रही है और उन्हें उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है।
अखिलेश यादव ने घोषणा की कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर किसानों को गन्ना मूल्य का भुगतान 24 घंटे के भीतर किया जाएगा। इसके लिए 15 हजार करोड़ रुपये का किसान परिवर्ती कोष बनाया जाएगा, जिससे गन्ना पर्ची कटते ही किसानों के खातों में भुगतान पहुंच सकेगा। उन्होंने कहा कि किसानों के कर्ज के समाधान के लिए कृषि ऋण राहत अधिनियम लाकर कर्ज माफी का रास्ता निकाला जाएगा। उन्होंने दोहराया कि समाजवादी पार्टी किसानों के हितों के लिए सदैव प्रतिबद्ध रही है और भविष्य में भी किसानों की खुशहाली के लिए व्यापक योजनाएं लागू की जाएंगी, ताकि गांव, किसान और कृषि क्षेत्र मजबूत बन सके।
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