नई दिल्ली 04 Jully (Rns) । केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को फ्रांस के एक प्रमुख आर्थिक मंच ‘रेनकॉन्ट्रेस इकनॉमिक्स डी’एक्स-एन-प्रोवेंस’ में वैश्विक मंच पर भारत का मजबूत आर्थिक पक्ष रखा। उन्होंने देश के मध्यम वर्ग (Middle Class) की सराहना करते हुए उसे भारत की आर्थिक वृद्धि का असली इंजन बताया। उन्होंने एक बड़ा विजन साझा करते हुए कहा कि देश के लगभग 500 शहर अब आर्थिक गतिविधियों के अगले बड़े केंद्र (Economic Hubs) के रूप में उभरने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। पैनल चर्चा में भाग लेते हुए वित्त मंत्री ने आधिकारिक आंकड़ों के हवाले से बताया कि आज भारत की कुल आबादी का लगभग 31 फीसदी हिस्सा मध्यम वर्ग के अंतर्गत आता है।
वित्त मंत्री ने आर्थिक विकास के आंकड़े साझा करते हुए कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था के उदारीकरण के बाद से देश का मध्यम वर्ग सालाना 6.3 फीसदी की शानदार दर से बढ़ रहा है। उन्होंने अनुमान जताया कि आने वाले समय में भारत में होने वाले कुल उपभोक्ता खर्च का लगभग 93 फीसदी हिस्सा इसी मध्यम वर्ग या इससे थोड़े अधिक संपन्न उपभोक्ताओं के जरिए आएगा। सीतारमण ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि यह मध्यम वर्ग अब केवल बड़े महानगरों तक ही सीमित नहीं रह गया है, बल्कि देश के टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी बहुत तेजी से फैल रहा है, जिससे धन और समृद्धि का वितरण स्वचालित रूप से बड़े शहरों से निकलकर छोटे कस्बों तक पहुंच रहा है।
पैनल चर्चा के दौरान वित्त मंत्री ने कहा कि मध्यम वर्ग केवल देश की आर्थिक तरक्की का लाभार्थी ही नहीं है, बल्कि वास्तव में वही इस पूरी जीडीपी ग्रोथ का मुख्य चालक है। इस वर्ग की मजबूत खपत (Consumption Pattern) ही पूरी अर्थव्यवस्था को रफ्तार दे रही है।
आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (OECD) के एक हालिया अध्ययन का हवाला देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न नीतिगत कदमों के कारण भारत साल 2030 से 2035 के बीच मध्यम वर्ग की आबादी के मामले में पड़ोसी देश चीन को भी पीछे छोड़ देगा। उन्होंने रेखांकित किया कि कोविड-19 महामारी के वैश्विक संकट के बाद भी भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है, जिसका मुख्य श्रेय इसी मध्यम वर्ग द्वारा संचालित आंतरिक खपत को जाता है

