रतलाम,05 जुलाई(आरएनएस)। ‘सुनें सुनाएं’ आयोजन अपनी निरंतरता के चार वर्ष पूर्ण करने की तरफ अग्रसर है। इन बीते वर्षों के दौरान सुनें सुनाएं आयोजन के माध्यम से शहर की रचनात्मकता में वृद्धि हुई। साथ ही सृजन के प्रति यहां के हर वर्ग में एक चेतना जागृत हुई है। यह सिलसिला शहर की युवा पीढ़ी को साहित्य और सृजन से जोड़ रहा है, जो सुखद है।
उक्त विचार ‘सुनें सुनाएं’ के 46 वें सोपान में उपस्थितजनों ने व्यक्त किए। समय पर शुरू होकर समय पर समाप्त होने वाला यह शहर का एकमात्र आयोजन है। इस आयोजन में कोई अपनी रचना नहीं पढ़ता है बल्कि अपने प्रिय रचनाकार की रचना बिना किसी भूमिका के प्रस्तुत करता है।
जी.डी. अंकलेसरिया रोटरी हॉल पर आयोजित 46 वें सोपान में दस साथियों ने अपने प्रिय रचनाकार की रचनाओं का पाठ किया। इस दौरान मणिलाल पोरवाल ने गोपाल दास नीरज की रचना ‘ आदमी को आदमी बनाने के लिए ‘ का पाठ, श्याम सुंदर भाटी ने मनकामेश्वर जोशी की रचना ‘ तू फेर कदी मिल जा जे ‘ का पाठ, डॉ. गायत्री तिवारी ने पार्वती जोशी की रचना ‘ मृत्यु संगीत ‘ का पाठ, लाखन सिंह मीणा ने सतीश सृजन की रचना ‘ राम की चेतावनी ‘ का पाठ, पूजा चोपड़ा ने सविता पाटिल की रचना ‘ जि़द करो ‘ का पाठ, अशोक कुमार शर्मा डॉ. बशीर बद्र के चुनिंदा शेर का पाठ, कैलाश वशिष्ठ द्वारा मणिलाल पोरवाल की रचना ‘ आचरण की विकृति में ‘ का पाठ, अरविन्द कुमार मेहता ने चंदन राय की रचना ‘ रिश्ता ही ऐसा था ‘ का पाठ, नरेन्द्र त्रिवेदी ने आशीष दशोत्तर की रचना ‘ डेस्टिनेशन डिफेक्ट ‘ का पाठ, डॉ. प्रदीप सिंह राव ने डॉ. मुरलीधर चांदनीवाला की रचना ‘ बेटियां कुछ लेने नहीं आती पीहर ‘ का पाठ किया।
आयोजन में वरिष्ठ साहित्यकार प्रो. रतन चौहान, डॉ. मुरलीधर चांदनीवाला, राजेंद्र सेन, मोडीराम सोलंकी, रीता दीक्षित, सरिता दशोत्तर, राधेश्याम शर्मा, हरीश यादव, श्रीराम दिवे, दुष्यंत कुमार व्यास, ललित चौरडिया, छत्रपाल सिंह, सुभाष यादव आई.एल. पुरोहित, विनोद झालानी, आशा श्रीवास्तव, सुशीला कोठारी, पद्माकर पागे, कीर्ति कुमार शर्मा, संजय परसाई सरल, संदीप भारद्वाज, डॉ. गोविंद प्रसाद डबकरा, दीपक डबकरा, अनीस ख़ान, शैलेंद्र सितूत, किरण जैन, मनीष यादव, महावीर वर्मा, आशीष दशोत्तर सहित रचना प्रेमी उपस्थित थे।
‘सुनें सुनाएं’ का 47 वां सोपान 2 अगस्त को होगा जिसमें दस रचनाकार अपने प्रिय रचनाकार की प्रकृति पर केन्द्रित रचना का पाठ करेंगे। ‘सुनें सुनाएं’ ने सुधिजनों से उपस्थिति का आग्रह किया है।

