अमरावती,05 जुलाई(आरएनएस)। समुद्र में ताकत दिखाने के लिए जल्द ही दो और युद्धपोत भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल किए जाएंगे. इससे देश के लिए सुरक्षा कवच के तौर पर समुद्री सुरक्षा और भी मजबूत होने वाली है. भारतीय नौसेना दिन-ब-दिन तटीय रक्षा में अपनी काबिलियत बढ़ा रही है.
पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलकाता में एक साथ तीन युद्धपोत लॉन्च किए थे. अभी भारतीय नौसेना के अधिकारी जल्द ही आईएनएस महेंद्रगिरीÓ और ‘आईएनएस मालवनÓ को देश को समर्पित करने की तैयारी कर रहे हैं.
इस साल 20 जून को आईएनएस अग्रे, आईएनएस समशोधक और आईएनएस दुनागिरी को कोलकाता में कमीशन किया गया. इसके अलावा इन दोनों जहाजों की कमीशनिंग शुरू में तय की गई थी, लेकिन आखिरकार इसे टाल दिया गया. संभावना है कि इन्हें इसी महीने देश को समर्पित कर दिया जाएगा.
आईएनएस मालवन को एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटरक्राफ्ट के तौर पर जाना जाता है. यह युद्धपोत कोचीन शिपयार्ड में बनाया गया था. भारतीय नौसेना ने 30 अप्रैल 2019 को शिपयार्ड के लिए ऑर्डर दिया था. इसे 30 नवंबर 2023 को लॉन्च किया गया था. काम पूरा होने के बाद, इसे 31 मार्च 2026 को भारतीय नौसेना को सौंप दिया गया.
यह ट्रिपल-जेट वॉटर सिस्टम के जरिए 25 नॉट प्रति घंटे की स्पीड से चलेगा. इसमें मॉडर्न रडार, हल-माउंटेड सेंसर, हल्के टॉरपीडो और एंटी-सबमरीन रॉकेट लगे होंगे.
आईएनएस महेंद्रगिरी नीलगिरी क्लास का एक युद्धपोत है. इसे मुंबई के मझगांव डॉक पर बनाया गया था. जहाज के पहले फेज का कंस्ट्रक्शन 28 जून 2022 को शुरू हुआ था. लॉन्च 1 सितंबर 2023 को हुआ था. कंस्ट्रक्शन कंपनी ने 30 अप्रैल 2026 को जहाज इंडियन नेवी को सौंप दिया.
इसमें ब्रह्मोस, क्रूज मिसाइल, एक 76 एमएम नेवल गन, ट्रिपल टॉरपीडो (वरुणास्त्र), रॉकेट लॉन्चर और दो ध्रुव/सीकिंग हेलीकॉप्टर जैसे हथियार हैं. इसकी स्पीड 28 नॉट प्रति घंटा है. यह दुश्मन के जहाज़ों और सबमरीन का पता लगाने के लिए सही है. पूरी तरह से मॉडर्न टेक्नोलॉजी से लैस रडार और सोनार सिस्टम इसकी एक और ताकत है.
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