दुर्गं, 05 जुलाईं (आरएनएस)। स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए यातायात पुलिस दुर्ग और परिवहन विभाग ने संयुक्त रूप से पुलिस ग्राउंड सेक्टर-6, भिलाई में स्कूल बस जांच शिविर का आयोजन किया। शिविर में जिले के 16 शैक्षणिक संस्थानों की 201 स्कूल बसों की जांच की गई, जिसमें 12 बसों में विभिन्न प्रकार की खामियां मिलने पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालानी कार्रवाई की गई।
जांच के दौरान अधिकारियों ने बसों के रजिस्ट्रेशन, परमिट, फिटनेस, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र (पीयूसी), रोड टैक्स और चालक के ड्राइविंग लाइसेंस की जांच की। इसके अलावा वाहनों की मैकेनिकल फिटनेस का भी परीक्षण किया गया, जिसमें हेडलाइट, ब्रेक लाइट, इंडिकेटर, टायर, स्टीयरिंग, क्लच, एक्सीलेटर, सीट, हॉर्न, वाइपर और रिफ्लेक्टर समेत अन्य जरूरी सुरक्षा मानकों की पड़ताल की गई।
सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार बसों में जीपीएस, सीसीटीवी कैमरा, स्पीड गवर्नर, आपातकालीन खिड़की, फस्र्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र, स्कूल का नाम, संपर्क नंबर और स्कूल बस का स्पष्ट उल्लेख भी जांचा गया।
जिन 12 बसों में खामियां पाई गईं, उनके संचालकों पर चालानी कार्रवाई करते हुए सभी कमियों को दूर करने के बाद ही बसों का संचालन करने के निर्देश दिए गए।
शिविर के दौरान स्कूल बस चालकों और परिचालकों का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया। जांच में 41 चालकों में उच्च रक्तचाप (बीपी) और शुगर से संबंधित शिकायतें पाई गईं, जिन्हें आवश्यक चिकित्सकीय सलाह दी गई।
यातायात पुलिस ने बताया कि जो स्कूल बसें जांच शिविर में नहीं पहुंचीं, उनकी जांच संबंधित स्कूल परिसरों में जाकर की जाएगी।
इस संयुक्त अभियान में यातायात पुलिस, परिवहन विभाग और जिला चिकित्सालय दुर्ग की मेडिकल टीम ने भाग लिया। अधिकारियों ने कहा कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने वाले वाहनों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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