अयोध्या,05 जुलाई(आरएनएस)। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले पर श्रीरामजन्मभूमि तीर्थक्षेत्र के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी ने विस्तृत बयान जारी कर रामभक्तों से भावुक अपील की है। उन्होंने कहा कि रामलला के दानपात्र में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित धनराशि की गिनती के दौरान चोरी की घटना अत्यंत दुखद, पीड़ादायक और शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि इस घटना से सभी रामभक्तों की भावनाएं आहत हुई हैं। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए।
स्वामी गोविंद देव गिरी ने कहा कि वह 5 जुलाई को पूर्व निर्धारित श्रीमद्भागवत कथा पूरी करने के बाद अयोध्या पहुंच रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोषाध्यक्ष के रूप में उनकी जिम्मेदारी मंदिर के आय-व्यय का लेखा-जोखा रखना है और अब तक का पूरा हिसाब ऑडिटेड है, जिसे अधिकृत व्यक्ति कभी भी जांच सकते हैं।
स्वामी गोविंद देव गिरी ने कहा कि ऐसे मंगलमय वातावरण में अयोध्या मंदिर में घटित अविश्वसनीय अर्थ अपहार की घटना ने रामभक्तों का हृदय विदीर्ण कर दिया। कोटि-कोटि भाविकों द्वारा अत्यंत श्रद्धापूर्वक रामलला की हुंडी में समर्पित की हुई धनराशि की गिनती करते समय चोरी करने का जघन्य महापाप कुछ लोगों ने किया। चढ़ावा चोरी का यह क्रम पिछले काफी समय से चल रहा था, यह भी प्रकाश में आया। यह सभी रामभक्तों के लिए अत्यंत दुखदायक, भीषण पीड़ादायक है। इससे हम अत्यंत आहत, दुखी एवं लज्जित हैं।
अंत में कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी ने कहा, हमें विश्वास है भगवान श्रीराम की कृपा से संशय के बादल छटेंगे, अपराध का अंधकार दूर होगा। भविष्य में हमारा प्रयास होगा कि हमारे रामलला का मंदिर विश्व में आदर्श का मंदिर हो। श्रीराम भक्ति की धारा अखंड बहती रहे, हमें रामराज्य लाने तक साधना करनी है। भगवान सनातन धर्म और राम मंदिर की कृति को धूमिल करने के किसी प्रयास को सफल नहीं होने देंगे। ये हमारा अटूट विश्वास है।
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