जांजगीर-चांपा 6 जुलाई (आरएनएस) अपराध जांच को तेज, पारदर्शी और साक्ष्य आधारित बनाने की दिशा में जांजगीर-चांपा पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। अब विवेचक घटनास्थल से ही डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित कर जांच को और मजबूत बना सकेंगे, जिससे विवेचना की गुणवत्ता और गति दोनों में सुधार आएगा।
नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और तकनीक आधारित विवेचना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पुलिस मुख्यालय रायपुर के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (IPS) ने जिले के विभिन्न थाना एवं चौकी में पदस्थ 99 विवेचकों को हाईटेक मोबाइल फोन वितरित किए। इस पहल का उद्देश्य अपराध अनुसंधान को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए डिजिटल साक्ष्यों के संग्रहण, संरक्षण और समयबद्ध जांच को अधिक प्रभावी बनाना है।
मोबाइल वितरण कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक ने विवेचकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रकरण की विवेचना गुणवत्ता, पारदर्शिता और तय समय-सीमा के भीतर पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल साक्ष्यों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो चुकी है। ऐसे में घटनास्थल से फोटो, वीडियो, लोकेशन सहित अन्य डिजिटल साक्ष्यों का तत्काल और सुरक्षित संकलन कर जांच को मजबूत बनाया जाए, ताकि न्यायिक प्रक्रिया में भी सटीक और ठोस साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकें।
पुलिस के अनुसार इन आधुनिक मोबाइल उपकरणों की मदद से विवेचक मौके पर ही डिजिटल दस्तावेजीकरण कर सकेंगे। साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों के साथ त्वरित समन्वय, वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य संग्रहण और तत्काल कार्रवाई संभव होगी। इससे जांच प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित, तकनीक-सक्षम और पारदर्शी बनेगी, वहीं अपराध अनुसंधान की कार्यकुशलता में भी उल्लेखनीय सुधार आने की उम्मीद है।
मोबाइल वितरण कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप सहित जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने इसे नवीन कानूनों के अनुरूप पुलिसिंग को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
फिलहाल, जांजगीर-चांपा पुलिस की यह पहल डिजिटल पुलिसिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। आधुनिक तकनीक से लैस विवेचक अब घटनास्थल से ही मजबूत साक्ष्य जुटाकर तेज, निष्पक्ष और प्रभावी विवेचना सुनिश्चित करने में अधिक सक्षम होंगे।

