नई दिल्ली,26 अपै्रल। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंकों और शेयर बाजार से जुड़ी संस्थाओं को साइबर सुरक्षा को लेकर बहुत ज्यादा सावधान रहने की सलाह दी है. सेबी के एक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि अब साइबर हमले पहले से कहीं ज्यादा खतरनाक और तेज हो गए हैं, इसलिए हमें अपनी सुरक्षा को और मजबूत करना होगा.
वित्त मंत्री ने बताया कि आज के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई वाले औजारों का इस्तेमाल कर हैकर्स बहुत तेजी से हमले कर रहे हैं. हालांकि उन्होंने किसी खास कंपनी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका इशारा दुनिया के नए और शक्तिशाली एआई सिस्टम (जैसे मिथोस) की तरफ था. उन्होंने कहा कि ये नए सिस्टम खुद-ब-खुद सॉफ्टवेयर की कमियां ढूंढ लेते हैं और सुरक्षा प्रणालियों को चकमा देने में माहिर हैं. सीतारमण ने जोर देकर कहा, हमला करने वाले औजार जितनी तेजी से बदल रहे हैं, हमें अपनी रक्षा करने वाले सिस्टम को उससे भी ज्यादा तेज बनाना होगा.
मंत्री जी ने चेतावनी दी कि अगर किसी बड़े शेयर बाजार या बैंक पर साइबर हमला होता है, तो इससे न केवल लोगों का पैसा डूब सकता है, बल्कि पूरे देश की अर्थव्यवस्था और जनता के भरोसे को भारी चोट पहुंच सकती है. उन्होंने सेबी से कहा कि वह दुनिया के दूसरे देशों के साथ मिलकर काम करे ताकि भारतीय बाजार सुरक्षित रहें और विदेशी निवेशक भी भारत पर भरोसा कर सकें.
वित्त मंत्री ने कहा कि पूरे देश में एक जैसा केवाईसी सिस्टम होना चाहिए. इससे आम आदमी को हर अलग काम के लिए बार-बार कागजात जमा करने और वेरिफिकेशन कराने की परेशानी से मुक्ति मिलेगी.
सोशल मीडिया पर नेताओं के नकली वीडियो (डीपफेक) और फर्जी निवेश वाले ऐप्स के जरिए लोगों को ठगा जा रहा है. मंत्री ने सेबी को आदेश दिया कि वे क्षेत्रीय भाषाओं में विज्ञापन चलाकर लोगों को जागरूक करें और ऐसे फर्जी विज्ञापनों को तुरंत हटवाएं.
इंटरनेट पर जो लोग बिना लाइसेंस के निवेश की सलाह देकर अपना फायदा कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
अंत में वित्त मंत्री ने कहा कि बाजार केवल बड़ा होने से काम नहीं चलेगा, उसे ईमानदार और सुरक्षित भी होना चाहिए. सरकार ने इस समस्या से निपटने के लिए एसबीआई के चेयरमैन की अध्यक्षता में एक खास कमेटी भी बनाई है.
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