कोरबा, 26 अप्रैल (आरएनएस)। भीषण गर्मी को देखते हुए छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग तथा कलेक्टर कार्यालय कोरबा ने वर्ष 2026 की ग्रीष्म ऋतु के लिए लू (हीट वेव) से बचाव हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों का उद्देश्य नागरिकों को गर्मी के दुष्प्रभावों से सुरक्षित रखना और समय रहते जरूरी तैयारी सुनिश्चित करना है।
जारी निर्देशों के अनुसार, राज्य से लेकर जिला, तहसील और विकासखण्ड स्तर तक नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जो सभी विभागों के बीच समन्वय बनाकर आवश्यक सूचनाएं और चेतावनी समय पर प्रसारित करेंगे। लू से बचाव के उपायों का प्रचार-प्रसार रेडियो, टेलीविजन, व्हाट्सएप, पोस्टर और पम्पलेट के माध्यम से किया जाएगा।
गर्मी की तीव्रता को ध्यान में रखते हुए स्कूलों, शिक्षण संस्थानों और मनरेगा कार्यस्थलों के समय में भी बदलाव करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लोगों को तेज धूप से बचाया जा सके।
लू के लक्षण और बचाव के उपाय
तापघात के प्रमुख लक्षणों में तेज सिरदर्द, चक्कर आना, तेज बुखार, मुंह सूखना, शरीर का तापमान बढऩा, पसीना न आना, उल्टी, कमजोरी और अत्यधिक प्यास लगना शामिल हैं। ऐसे में लोगों को अधिक से अधिक पानी पीने, ओआरएस, लस्सी, छाछ, नींबू पानी और बोरे-बासी जैसे पारंपरिक पेय पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी गई है।
साथ ही हल्के रंग के ढीले और सूती कपड़े पहनने, सिर को टोपी, गमछा या छाते से ढककर बाहर निकलने और दोपहर 12 से 3 बजे के बीच अनावश्यक रूप से बाहर न जाने की अपील की गई है।
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