0 गर्मी में पानी की समस्या को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी
कोरबा, 26 अप्रैल (आरएनएस)। लोगों को शुद्ध और स्वच्छ पेयजल देने के लिए सरकार दावे कर रही है। योजना पर काम भी हो रहा है लेकिन पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के ग्राम पंचायत पचरा में 85 लाख से स्वीकृत पानी टंकी दो साल में भी नहीं बन सकी। ऐसे में इस गर्मी में भी यहां के 900 परिवारों को शुद्ध पेयजल की सुविधा इस योजना से नहीं मिल सकी है।
सूत्रों के अनुसार लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग और संबंधित ठेकेदार पिछले एक साल से अधिक समय से मौके पर निरीक्षण या काम की प्रगति देखने तक नहीं पहुंचे हैं। अधूरी पड़ी पानी टंकी की स्थिति खुद ही व्यवस्था की पोल खोल रही है। निर्माण कार्य रुका हुआ है, संरचना अधूरी है और आसपास किसी प्रकार की गतिविधि नजर नहीं आती। ग्रामीणों में इसको लेकर भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि सरकार योजनाएं तो बड़े स्तर पर घोषित करती है, लेकिन उनका लाभ जमीनी स्तर तक नहीं पहुंच पाता। हर साल गर्मी में पानी की समस्या विकराल रूप ले लेती है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे रहते हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब तक योजनाएं सिर्फ कागजों में पूरी दिखाई जाती रहेंगी?
क्या उप मुख्यमंत्री अरूण साव ध्यान देंगे विषय पर?
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने योजना बनाई है और क्रियान्वयन पर जोर दिया है। जल जीवन मिशन इसी का हिस्सा है। इसके बावजूद पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड में स्थिति अच्छी नहीं है। पिछले वर्ष इसी ब्लॉक में जल जीवन मिशन की पानी टंकी और बाउंड्रीवॉल को लेकर विवाद की स्थिति निर्मित हुई थी तब विभाग की ओर से ठेकेदार को नोटिस थमाया गया था। अब पचरा में 85 लाख की योजना पर काम पूरा न होने का मामला क्रियान्वयन पर सवाल खड़े करता है। उपमुख्यमंत्री अरूण साव के विभाग से यह मामला जुड़ा हुआ है। लोगों को उम्मीद है कि उपमुख्यमंत्री तक जरूर जनहित से संबंधित यह विषय पहुंचेगा।
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