रायगढ़ 26 अप्रैल (आरएनएस) रैरूमाखुर्द में पारिवारिक नाराजगी ने ऐसा खौफनाक रूप लिया कि बेटे ने अपनी ही मां को फावड़े से वार कर मौत के घाट उतार दिया और फिर उसी हथियार के साथ पिता के पीछे दौड़ पड़ा, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने आरोपी को दबोचकर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया, 26 अप्रैल 2026 को सामने आए इस सनसनीखेज मामले में ग्राम रैरूमाखुर्द निवासी गणपत दास महन्त (60 वर्ष) ने 25 अप्रैल को पुलिस चौकी में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह शिवा पेट्रोल पंप के सामने किराना दुकान चलाता है और उसका छोटा पुत्र आर्यन दास महन्त (20 वर्ष) लंबे समय से इस बात से नाराज था कि परिवार अन्य भाई-बहनों को उससे ज्यादा महत्व देता है, इसी खिन्नता ने 24 अप्रैल की रात को खामोशी में पलते गुस्से को 25 अप्रैल की सुबह खूनखराबे में बदल दिया, जब आर्यन शौच से लौटकर आया और अपनी मां फुलबाई महन्त (55 वर्ष) को दुकान से बाहर खींचकर जमीन पर गिराया और घर में रखे गोबर फेंकने वाले फावड़े से गर्दन पर ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी, वारदात के तुरंत बाद आरोपी उसी फावड़े के साथ अपने पिता को मारने दौड़ा, जान बचाने के लिए पिता मौके से भागे और पुलिस को सूचना दी, सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी उप निरीक्षक विजय एक्का ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अपराध क्रमांक 109/2026 के तहत Bharatiya Nyaya Sanhita की धारा 103(1) में मामला दर्ज किया और तेजी से पतासाजी कर आरोपी आर्यन दास महन्त को हिरासत में ले लिया, आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त फावड़ा भी जब्त किया गया, इस पूरी कार्रवाई में एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी और एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में चौकी प्रभारी विजय एक्का, प्रधान आरक्षक चिंतामणि कुर्रे और टीम की अहम भूमिका रही, आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है, एसएसपी ने सख्त संदेश देते हुए कहा है कि क्षणिक आवेश में किया गया अपराध जिंदगी भर का पछतावा बन जाता है और ऐसे मामलों में कानून बेहद कठोर है, फिलहाल यह वारदात एक कड़वी सच्चाई छोड़ गई है—गुस्से का एक पल पूरी जिंदगी तबाह कर देता है और अपनों के बीच पनपा जहर सबसे खतरनाक साबित होता है।
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