रायपुर, 27 अप्रैल (आरएनएस)। रायपुर में भारतमाला परियोजना से जुड़े कथित जमीन मुआवजा घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने जमीन कारोबारी गोपाल गांधी और उससे जुड़े लोगों के आधा दर्जन से अधिक ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।
सूत्रों के मुताबिक, 13 अधिकारियों की टीम इस कार्रवाई को अंजाम दे रही है। अभनपुर स्थित गोपाल गांधी के आवास और कार्यालय पर सुबह तड़के ही ईडी की टीम पहुंच गई थी। टीम अब तक दस्तावेजों के साथ डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच में जुटी हुई है।
=क्या है पूरा मामला=
भाजपा सरकार की महत्वाकांक्षी भारतमाला परियोजना के तहत छत्तीसगढ़ में भूमि अधिग्रहण के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। रायपुर-विशाखापत्तनम इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए जमीन अधिग्रहण में करीब 500 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले के आरोप सामने आए हैं।
जांच में यह बात सामने आई है कि कृषि भूमि को पिछली तारीखों में गैर-कृषि भूमि में परिवर्तित दिखाकर मुआवजा कई गुना बढ़ाया गया। इस पूरी प्रक्रिया में राजस्व विभाग के अधिकारियों—जैसे एसडीएम, तहसीलदार और पटवारी—पर जमीन दलालों के साथ मिलीभगत का आरोप है।
इसके अलावा, एक ही खसरे की जमीन को कागजों में छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर अलग-अलग लोगों के नाम पर मुआवजा जारी किया गया, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचा।
=अब तक की कार्रवाई=
इस मामले में ईडी पहले भी रायपुर और महासमुंद में छापेमारी कर करोड़ों रुपये की संपत्तियां अटैच कर चुकी है, साथ ही 40 लाख रुपये से अधिक नकदी भी जब्त की गई थी।
मामले में तत्कालीन एसडीओ निर्भय साहू समेत कई अधिकारियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं, आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) ने 10 आरोपियों के खिलाफ पहली चार्जशीट भी दाखिल कर दी है, जिसमें सरकारी अधिकारी और जमीन से जुड़े बिचौलिए शामिल हैं।
फिलहाल, ईडी की ताजा कार्रवाई से इस बहुचर्चित घोटाले में और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
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