0 फर्जी दस्तावेजों से नामांतरण का आरोप
= अजय चक्रधारी =
अंबिकापुर, 27 अप्रैल (आरएनएस)। सरगुजा जिले के अंबिकापुर स्थित रिंग रोड बांध तालाब मामले में गंभीर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। रिंग रोड बांध सहित कई तालाबों पर अवैध कब्जे और फर्जी दस्तावेजों के जरिए नामांतरण किए जाने के आरोप सामने आए हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता कैलाश मिश्रा ने दावा किया है कि लगभग 6.25 एकड़ क्षेत्रफल वाला तालाब अब सिमटकर मात्र 57 डिसमिल रह गया है। इतना ही नहीं, आरोप है कि जनवरी 2026 में बची हुई जमीन की भी रजिस्ट्री कर दी गई।
मामले में यह भी कहा जा रहा है कि तालाब क्षेत्र को रातों-रात पाटकर कब्जा किया गया और फर्जी कागजात के आधार पर जमीन का नामांतरण कराया गया।
सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि जयलाल नामक व्यक्ति के दो अलग-अलग मृत्यु प्रमाण पत्र सामने आए हैं। एक प्रमाण पत्र में मृत्यु तिथि 23 अप्रैल 1976 (जारी वर्ष 2018) दर्ज है, जबकि दूसरे में 12 अप्रैल 1963 (जारी वर्ष 2025) बताई गई है। इससे दस्तावेजों की सत्यता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इसके अलावा, पटवारी और तहसील स्तर पर अनियमितताओं, वंशवृक्ष में गड़बड़ी, बिना तारीख के आधिकारिक पत्र जारी होने और अलग-अलग मामलों में अलग-अलग वंशवृक्ष प्रस्तुत किए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता ने फर्जी नामांतरण निरस्त करने, दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। इस संबंध में कलेक्टर सरगुजा से भी हस्तक्षेप की अपील की गई है।
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