रायपुर,27 अप्रैल (आरएनएस)। मुंगेली जिले में कलेक्टर कुंदन कुमार द्वारा छत्तीसगढ़ी भाषा में लिखे गए एक आवेदन को कथित रूप से फेंकने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना को प्रदेश की अस्मिता और सम्मान से जोड़ते हुए कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है।प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने इसे छत्तीसगढ़ी भाषा और संस्कृति का अपमान बताते हुए कहा कि राज्य की मातृभाषा और लोकपरंपराओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। उनका कहना है कि इस तरह की घटनाएं प्रदेश की पहचान को कमजोर करने वाली हैं।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में विभिन्न भाषाओं और संस्कृतियों का हमेशा सम्मान होता आया है, लेकिन अपनी ही बोली-भाखा को कमतर आंकना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकारी दफ्तरों में छत्तीसगढ़ी बोलने वालों के साथ भेदभाव की मानसिकता भी चिंता का विषय है।प्रवक्ता ने मांग की कि इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर मुंगेली कलेक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, सभी शासकीय कार्यालयों में छत्तीसगढ़ी भाषा और उसे बोलने वालों के सम्मान को सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश की पारंपरिक संस्कृति, तीज-त्योहार और स्थानीय पहचान को बढ़ावा देने की दिशा में फिर से पहल की जरूरत है, ताकि छत्तीसगढ़ की अस्मिता सुरक्षित रह सके।
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