रायपुर 27 अप्रैल (आरएनएस) औद्योगिक इलाके उरला थाने में सोमवार 27 अप्रैल 2026 को उस वक्त हलचल तेज हो गई जब पुलिस उपायुक्त (नार्थ जोन) मयंक गुर्जर खुद वार्षिक निरीक्षण के लिए पहुंचे और थाना परिसर से लेकर मालखाना, रिकॉर्ड रजिस्टर और लंबित मामलों तक हर बिंदु को बारीकी से खंगालते हुए पुलिस सिस्टम की नब्ज टटोली, निरीक्षण के दौरान थाना परिसर की साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था और स्टाफ की कार्यप्रणाली पर खास नजर रखी गई, मालखाने में रखी जब्त संपत्तियों के रखरखाव, अभिलेखीकरण और सुरक्षा मानकों की सख्त जांच की गई, अपराध रजिस्टर की अद्यतन स्थिति और लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए डीसीपी ने साफ निर्देश दिए कि मामलों का जल्द और प्रभावी निराकरण किया जाए, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और वारंट तामिली में तेजी लाने के लिए विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया गया, क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए नियमित गश्त बढ़ाने और संवेदनशील स्थानों पर पैनी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए, औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण पर्यावरण संतुलन को ध्यान में रखते हुए ग्रीन बेल्ट विकसित करने, थाना परिसर की बाउंड्री वॉल मजबूत करने और लंबे समय से पड़े जब्त वाहनों व माल के विधिसम्मत निराकरण के आदेश भी दिए गए, डीसीपी ने साफ कहा कि रिकॉर्ड संधारण में पारदर्शिता और जवाबदेही से कोई समझौता नहीं होगा और गंभीर मामलों को प्राथमिकता में लेकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, साथ ही थाना स्टाफ को आम जनता के साथ बेहतर संवाद, समयबद्ध शिकायत निवारण और अनुशासन बनाए रखने की सख्त हिदायत दी गई, महिला और बाल सुरक्षा के मामलों के साथ साइबर अपराधों में संवेदनशीलता और तत्परता दिखाने पर विशेष जोर दिया गया, निरीक्षण के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को पुरस्कृत करने के निर्देश दिए गए जबकि यूनिफॉर्म की लापरवाही और अनुशासनहीनता पर कार्रवाई के संकेत भी साफ तौर पर दे दिए गए, इस पूरे निरीक्षण में थाना प्रभारी सहित सभी अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे और टीमवर्क के साथ बेहतर पुलिसिंग का संदेश दिया गया, बहरहाल, उरला थाने में हुआ यह सख्त निरीक्षण साफ संकेत है कि अब काम में ढिलाई नहीं चलेगी और कानून व्यवस्था पर पकड़ और मजबूत होने वाली है।


