बिलासपुर 27 अप्रैल (आरएनएस) कोटा थाना क्षेत्र से डॉ. सीवी रमन विश्वविद्यालय के बॉयज हॉस्टल से अचानक लापता हुआ छात्र आखिरकार नागपुर में जिंदा और सुरक्षित मिल गया, लेकिन इस पूरी कहानी का सच सामने आते ही सब हैरान रह गए, 20 वर्षीय रोहित कुमार, जो गया बिहार का रहने वाला है और कोटा स्थित विश्वविद्यालय में बी.फार्मेसी चौथे सेमेस्टर का छात्र था, 6 मार्च 2026 को अचानक हॉस्टल से गायब हो गया था जिसके बाद 7 मार्च को थाना कोटा में गुम इंसान क्रमांक 29/2026 दर्ज कर पुलिस ने तलाश शुरू की, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए क्लासमेट्स से पूछताछ की, हॉस्टल के छात्रों से जानकारी जुटाई, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, बैंक अकाउंट डिटेल खंगाले, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों में फोटो दिखाकर तलाश की, सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, साइबर सेल की मदद से तकनीकी जांच की गई और यहां तक कि दमोह, मथुरा और वृंदावन तक पुलिस टीम पहुंची लेकिन कोई सुराग नहीं मिला, आखिरकार 25 अप्रैल 2026 को तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर रोहित के नागपुर में होने की जानकारी मिली, जिसके बाद तत्काल टीम रवाना हुई और 26 अप्रैल को उसे वहां से बरामद कर वापस थाना लाया गया, पूछताछ में रोहित ने जो खुलासा किया उसने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया, उसने बताया कि वह ऑनलाइन गेमिंग का आदी हो चुका था और कई लोगों से उधार लेकर गेम में पैसे लगा चुका था, कर्ज और डर के दबाव में उसने अपने पिता से सच्चाई छुपाने के लिए खुद ही भागने की योजना बनाई और हॉस्टल से निकल गया, पुलिस ने बरामदगी के बाद उसे उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया, इस पूरी कार्रवाई में निरीक्षक नरेश चौहान, सउनि गोपाल खाण्डेकर सहित पुलिस टीम और साइबर सेल की अहम भूमिका रही, बहरहाल, यह मामला सिर्फ एक गुमशुदगी नहीं बल्कि ऑनलाइन गेमिंग के खतरनाक जाल की चेतावनी है जो युवाओं को गलत फैसले लेने पर मजबूर कर सकता है।
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