बिलासपुर 30 अप्रैल (आरएनएस) सुनसान मकानों को निशाना बनाकर सिलसिलेवार चोरी से दहशत फैलाने वाले शातिर चोर को आखिरकार पुलिस ने दबोच लिया है, और खुलासा ऐसा कि हर कोई हैरान रह जाए—AC रिपेयरिंग के बहाने घर-घर की जानकारी जुटाने वाला युवक ही रात का ‘मास्टर माइंड’ निकला, जो महीनों से शहर के अलग-अलग इलाकों में रेकी कर ताले तोड़कर लाखों का माल साफ कर रहा था, थाना सिविल लाइन क्षेत्र में दर्ज कई मामलों की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने आरोपी सूरज काछी (30 वर्ष), निवासी खोंडरी बाजार, गौरेला को गिरफ्तार किया, जो बिलासपुर के बंगालीपारा इलाके में किराए के मकान में रहकर वारदातों को अंजाम देता था, पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी दिन में कॉलोनियों, रास्तों और घरों का बारीकी से निरीक्षण करता, यह सुनिश्चित करता कि कौन सा घर खाली है, CCTV कैमरों और भागने के रास्तों का पहले ही अध्ययन कर लेता, फिर रात होते ही बाइक बदल-बदलकर मौके पर पहुंचता, टोपी और मास्क से पहचान छिपाता और अंधेरी गलियों से घुसकर ताले तोड़ देता, अंदर घुसने के बाद कपड़े बदलकर अपनी पहचान और भी छुपा लेता ताकि कैमरों में भ्रम पैदा हो, चोरी के बाद मोबाइल बंद रखता और अलग रास्तों से निकल जाता, पुलिस ने बताया कि आरोपी ने शहर में अलग-अलग तारीखों पर कई बड़ी वारदातें कीं जिनमें अक्टूबर 2025 से अप्रैल 2026 तक के कम से कम 8 केस शामिल हैं, इन सभी मामलों में धारा 331(4) और 305 BNS के तहत अपराध दर्ज थे, आरोपी चोरी के सोने-चांदी को कटनी के ज्वेलर्स के पास बेच देता और उससे मिले पैसे को या तो बैंक खाते में जमा करता या ऑनलाइन जुए में उड़ा देता, जांच में यह भी सामने आया कि उसने चोरी के पैसों से घरेलू सामान, मोबाइल, स्कूटी और बाइक तक खरीद ली थी,

पुलिस ने उसके कब्जे से 252 ग्राम सोना (कीमत 37.80 लाख), 1 किलो 95 ग्राम चांदी (कीमत 4.87 लाख), एक स्कूटी, एक मोटरसाइकिल, फ्रिज, कूलर, सोफा, बैटरी और मोबाइल समेत कुल 45.84 लाख रुपये का माल बरामद किया है, आरोपी ने खुद कबूल किया कि ऑनलाइन सट्टे में करीब 30 लाख रुपये हारने के बाद वह कर्ज में डूब गया था और इसी दबाव ने उसे चोरी की दुनिया में धकेल दिया, पूरे मामले में ACCU और थाना सिविल लाइन की संयुक्त टीम ने 1000 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले, लोकल इनपुट और साइबर तकनीक की मदद से संदिग्ध की पहचान की और 27 अप्रैल 2026 को उसे धर दबोचा, इस कार्रवाई में कई पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की अहम भूमिका रही, जिन्हें वरिष्ठ अधिकारियों ने सराहना और पुरस्कार की घोषणा की है, बहरहाल यह मामला एक सख्त चेतावनी है—घर की छोटी सी लापरवाही भी चोरों के लिए बड़ा मौका बन सकती है, और शहर में सक्रिय ऐसे शातिर अपराधियों से सतर्क रहना अब पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है।

