तेहरान, 30 अपै्रल। ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने तेल की बढ़ती कीमतों और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नाकाबंदी को लेकर मजाक उड़ाया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट समेत अमेरिकी अधिकारियों को भी निशाने पर लिया और उनको नाकाबंदी के सिद्धांत को बढ़ावा देने वाली बेकार सलाह देने वाला बताया। गालिबाफ ने कहा कि नाकाबंदी से तेल की कीमतें बढ़ गई हैं और आगे यह 140 डॉलर (करीब 13,344 रुपये) प्रति बैलर तक पहुंच जाएगा।
गालिबाफ ने राष्ट्रपति ट्रंप की तेल के कुओं पर दबाव पडऩे वाली टिप्पणी का मजाक बनाते हुए एक्स पर लिखा, 3 दिन बीत चुके हैं, लेकिन कोई भी कुआं फटा नहीं है। हम इसे 30 दिनों तक बढ़ा सकते हैं और यहां से उस कुएं का लाइवस्ट्रीम कर सकते हैं। उन्होंने आगे लिखा कि यह उसी तरह की बेकार सलाह थी जो अमेरिकी प्रशासन को बेसेंट जैसे लोगों से मिलती है।
गालिबाफ ने बेसेंट जैसे अमेरिकी सलाहकारों को निशाने पर लेते हुए लिखा कि ये लोग नाकाबंदी के सिद्धांत को भी बढ़ावा देते हैं और तेल की कीमतों को 120 डॉलर (करीब 11,430 रुपये) प्रति बैलर तक पहुंचा चुके हैं। उन्होंने आगे लिखा कि अगला पड़ाव- 140 डॉलर प्रति बैरल है। असली मुद्दा सिद्धांत नहीं, बल्कि मानसिकता है। गालिबाफ ने इस पोस्ट के जरिए बताया है कि अमेरिका की नाकाबंदी नीति खुद उसी को महंगी पड़ रही है।
ट्रंप ने 26 अप्रैल को कहा था कि होता यह है कि वह लाइन अंदर से फट जाती है, यांत्रिक रूप से और धरती के भीतर भी…उनका कहना है कि ऐसा होने में अब बस 3 दिन ही बचे हैं। जब वह फट जाती है, तो आप उसे पहले जैसा नहीं बना सकते। ट्रंप का तात्पर्य था कि ईरान नाकाबंदी की वजह से तेल निर्यात नहीं कर पाया तो उसके तेल कुएं दबाव से फट सकते हैं।
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