बीजापुर 30 अप्रैल (आरएनएस) जहां अक्सर डर और दूरी की कहानी सुनाई देती है, वहां इस बार पुलिस खुद गांव पहुंची, संवाद किया, समस्याएं सुनी और भरोसे की नई नींव रख दी, दिनांक 29 अप्रैल 2026 को ग्राम चिन्गेर थाना कुटरू थाना क्षेत्र में “मनवा पुलिस मनवा नाटे” अभियान के तहत जन-संवाद और चलित थाना कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और पुलिस ने सीधे आम लोगों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनी, हर शिकायत को गंभीरता से लिया गया और मौके पर ही समाधान के लिए दिशा-निर्देश दिए गए, पुलिस ने न केवल समस्याओं का समाधान बताया बल्कि शासन की योजनाओं की जानकारी देकर ग्रामीणों को उनका लाभ लेने के लिए प्रेरित किया, कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा को लेकर भी सख्त संदेश दिया गया

और ग्रामीणों से कहा गया कि गांव या जंगल में कोई भी संदिग्ध या अंजान व्यक्ति दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें, हालांकि ग्रामीणों ने फिलहाल किसी भी संदिग्ध गतिविधि से इनकार किया, इसके साथ ही बच्चा चोरी जैसी अफवाहों पर भी पुलिस ने खुलकर बात की और लोगों को सचेत किया कि बिना पुष्टि किसी भी जानकारी पर भरोसा न करें, माहौल को सुरक्षित और जागरूक बनाने के लिए यातायात नियमों की जानकारी दी गई, ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने और वाहनों का बीमा कराने के लिए प्रेरित किया गया, वहीं साइबर अपराध के बढ़ते खतरे को देखते हुए ग्रामीणों को साइबर फ्रॉड से बचने के तरीके बताए गए और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने की सीख दी गई, कार्यक्रम के अंत में सामुदायिक पुलिसिंग का मानवीय चेहरा भी सामने आया जब ग्रामीणों और बच्चों को साड़ी, टी-शर्ट, नेकर, चप्पल, बर्तन और खेल सामग्री जैसे क्रिकेट किट, वॉलीबॉल किट, लूडो वितरित किए गए, बच्चों को कॉपी, पेन, चॉकलेट और बिस्किट देकर उनके चेहरों पर मुस्कान लाई गई, इस पूरे आयोजन के जरिए पुलिस ने साफ संदेश दिया कि वह सिर्फ कानून लागू करने वाली संस्था नहीं बल्कि समाज के साथ खड़ी एक भरोसेमंद ताकत है, बहरहाल यह पहल बताती है कि जब पुलिस गांव तक पहुंचती है तो डर नहीं, विश्वास पैदा होता है और यही विश्वास किसी भी क्षेत्र की असली सुरक्षा की नींव बनता है।


