New Delhi 02 May, (rns) /- खाड़ी में चल रहे युद्ध ने बहादुरगढ़ के फुटवियर उद्योग को गहरी चोट पहुंचाई है। देश के सबसे बड़े नॉन लेदर फुटवियर उद्योग को अब तक करीब 10 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। सालाना लगभग 70 हजार करोड़ रुपये का टर्नओवर रखने वाला यह उद्योग फिलहाल गंभीर संकट से जूझ रहा है।
उद्योग पर सबसे बड़ा असर सप्लाई चेन के टूटने, कच्चे माल और श्रमिकों की कमी की वजह से हुआ है। बहादुरगढ़ में देश का करीब 60 प्रतिशत नॉन लेदर फुटवियर तैयार होता। बहादुरगढ़ में करीब ढाई हजार फैक्टरियां हैं जो फुटवियर बनाती हैं। यहां पर ढाई से तीन लाख श्रमिकों को रोजगार भी मिला है
यहां पर युद्ध की वजह से पनपे संकट के कारण उत्पादन घटकर लगभग आधा रह गया है। सामान्य दिनों में यहां रोजाना एक से सवा करोड़ जोड़ी फुटवियर का उत्पादन होता है लेकिन मौजूदा हालात में कई फैक्ट्रियों को आधी मशीनें बंद रखनी पड़ रही हैं। इस कारण हर रोज अब 50 लाख जोड़ी फुटवियर ही बन पा रहे हैं।
गैस की किल्लत और अनिश्चित माहौल के चलते बड़ी संख्या में मजदूर अपने घरों को लौट गए हैं जो अभी तक नहीं आए हैं। इससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ा है और फैक्ट्री मालिकों को आधे उत्पादन पर काम चलाना पड़ रहा है। फुटवियर पार्क एसोसिएशन के वरिष्ठ उपप्रधान नरेंद्र छिकारा बताते हैं कि खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध के कारण फुटवियर उद्योगों को काफी नुकसान हुआ है

