देहरादून,02 मई (आरएनएस)। जिला मजिस्ट्रेट की ओर से अपराधियों पर सख्त रुख अख्तियार किया गया है। जनसामान्य में सुरक्षा की भावना को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय ने गुंडा नियंत्रण अधिनियम के अंतर्गत दो आदतन अपराधियों को छह माह के लिए जिला बदर कर दिया है। जिला मजिस्ट्रेट सविन बंसल ने एसएसपी कार्यालय से प्राप्त आख्या एवं प्रभारी निरीक्षक, कोतवाली विकासनगर की चालानी रिपोर्ट के आधार पर आसिफ पुत्र राशिद निवासी मुस्लिम बस्ती, चौकी बाजार के पीछे, कोतवाली विकासनगर के विरुद्ध कार्यवाही प्रारम्भ की। उक्त व्यक्ति के विरुद्ध आयुध अधिनियम सहित भारतीय दण्ड संहिता एवं भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में अनेक आपराधिक मुकदमे पंजीकृत हैं। आसिफ पर थाना विकासनगर में आर्मस एक्ट समेत कई केस दर्ज हैं। इसी प्रकार राहुल कश्यप पुत्र गोपाल कश्यप, निवासी कश्यप मोहल्ला, जीवनगढ़, कोतवाली विकासनगर के विरुद्ध चोरी, शस्त्र अधिनियम, आबकारी अधिनियम तथा भारतीय दंड संहिता/भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत कई आपराधिक मामले पंजीकृत हैं। बताया गया कि कई मामलों में लोग उसके विरुद्ध शिकायत अथवा साक्ष्य प्रस्तुत करने से भी कतराते हैं। विपक्षियों को जिला मजिस्ट्रेट कोर्ट से विधिवत नोटिस जारी कर अपना पक्ष प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान किया गया, लेकिन पर्याप्त अवसर दिए जाने के उपरांत भी वह न्यायालय के समक्ष उपस्थित नहीं हुए और न ही कोई आपत्ति प्रस्तुत की।उपलब्ध साक्ष्यों, आपराधिक इतिहास तथा प्रासंगिक विधिक प्रावधानों के आधार पर जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय द्वारा अभियुक्तों के विरुद्ध उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम, 1970 की धारा 3 के अंतर्गत कार्यवाही करते हुए अभियुक्त आसिफ एवं राहुल कश्यप को गुंडा नियंत्रण अधिनियम की धारा 3(3) के अंतर्गत गुंडा घोषित किया गया। निर्देशित किया गया है कि बिना सक्षम अनुमति के जनपद में प्रवेश नहीं करेगें तथा अपने निवास स्थान की सूचना संबंधित न्यायालय एवं थाना को उपलब्ध कराएंगे।आदेश का उल्लंघन किए जाने पर विधि अनुसार कठोर दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
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