भोपाल,02 मई (आरएनएस)।कजलीखेड़ा में रहने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने शुक्रवार शाम फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उनकी बॉडी थुआखेड़ा आंगनबाड़ी में मिली। शव के पास ही एक डायरी से दो पेज का सुसाइड नोट मिला है।
शनिवार को यह डायरी परिजनों ने पुलिस को सौंप दी है। सुसाइड नोट में महिला ने पति पर खुदकुशी के लिए उकसाने का आरोप लगाया है। साथ ही बेटे और बहू को उनका हक दिलाने की बात लिखी और पति को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की बात लिखी है। शनिवार दोपहर को पुलिस ने पीएम के बाद बॉडी परिजनों को सौंप दी है।
मृतका ओमवती मीणा पति राजेश मीणा (48) थुआखेड़ी की रहने वाली थीं और आंगनबाड़ी में जॉब करती थीं। शुक्रवार की शाम को आंगनबाड़ी में अकेली थीं। इससे पहले अन्य महिला कर्मचारी को बच्चों को लेने गांव भेजा था। जब सहकर्मी आंगनबाड़ी में लौटी तो उसने ओमवती के शव को पंखे पर दुपट्?टे से बने फंदे पर लटका देखा। जिसके बाद में गांव वालों को मदद के लिए बुलाया। ग्रामीणों ने शव को देखने के बाद पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई की और बॉडी को पोस्टमार्ट्म के लिए जीएमसी की मर्चुरी में रखवा दिया।\
मृतका के दामाद कपिल मारण (भतीजी का पति) ने बताया कि ससुर की प्रताडऩा से तंग आकर सास ने जान दी है। सास के होते हुए भी उन्होंने बिना डायवोर्स के दूसरी शादी कर ली। इससे सास डिप्रेशन में रहती थीं। दोनों करीब तीस साल से अलग रह रहे थे।
लेकिन ससुर उन्हें कॉल कर और मिलकर धमकाते थे, गालियां देते थे। इसका जिक्र सास ने सुसाइड नोट में किया है। सास अपने सात महीने के बेटे को लेकर मायके में रहने लगी थीं। बेटा अब 28 साल का हो चुका है, दो साल पहले उसकी शादी हो चुकी है।

