भोपाल,02 मई (आरएनएस)। एम्स के मेडिकल वार्ड में भर्ती रेबीज के मरीज ने खिड़की से शुक्रवार रात को छलांग लगा दी। जमीन पर गिरने के बाद उसने दोनों हाथ व पैर टूट गए थे। कुछ देर के इलाज के बाद उसकी मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। शनिवार को पीएम के बाद बॉडी परिजनों को सौंप दी गई है।
बागसेवनिया पुलिस के अनुसार कमल सिंह पिता बलराम सिंह (24) विदिशा जिले के इकोदिया गांव थाना नटेरन का रहने वाला था। गत 5 मार्च को गांव में ही उसे मोहल्ले के आवारा कुत्ते ने काट लिया था। दाहिने हाथ में काटने पर थोड़ा खून निकला। शुरूआती तौर पर कोई तकलीफ नहीं होने पर युवक ने डॉक्टरों से कोई इलाज नहीं कराया और रेबीज का इंजेक्शन भी नहीं लगवाया।
कुछ दिन बाद उसकी हालत बिगडऩे लगी। उसने स्थानीय अस्पताल में दिखाया तो वहां पर बताया गया कि एंटी रेबीज का इंजेक्शन नहीं लगने के कारण संक्रमण फैल गया। उसे रेबीज हो गया। रेबीज होने के कारण वह अजीब हरकतें करता, भोंकता और लार गिरा रहा था। जब उसकी हालत ज्यादा बिगड़ गई तो परिजनों ने उसे 30 अप्रैल को इलाज कराने के एम्स में भर्ती करा दिया।
उसे मेडिकल वार्ड के आईसोलेशन वार्ड में रखा गया था। गुरुवार रात वह वार्ड के स्टॉफ की नजर बचाते हुए खिड़की के पास पहुंचा और पहली मंजिल पर बने इस वार्ड से उसने छलांग लगा दी। जमीन पर गिरने के कारण उसके दोनों हाथ-पैर टूट गए। एम्स में ही इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की खबर लगते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतक का शव बरामद कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

