रायगढ़, 04 मई (आरएनएस)। अपराध और ऑनलाइन सट्टे का खतरनाक गठजोड़ उस वक्त बेनकाब हुआ जब डकैती और दुष्कर्म जैसे गंभीर मामलों में फरार चल रहा आरोपी गांव में छिपकर IPL पर बॉल टू बॉल सट्टा चला रहा था और पुलिस की घेराबंदी में रंगे हाथों पकड़ा गया। 04 मई 2026 को ऑपरेशन अंकुश के तहत थाना छाल पुलिस ने कुरकुट नदी पुल के पास दबिश देकर ग्राम बरभौना निवासी चंद्रभूषण डनसेना उर्फ चिन्दु (28) को गिरफ्तार किया, जो लंबे समय से फरारी काटते हुए ओडिशा, रायपुर और रायगढ़ के बीच लोकेशन बदल-बदलकर ऑनलाइन बेटिंग का नेटवर्क ऑपरेट कर रहा था।

पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि पंजाब किंग्स इलेवन और गुजरात टाइटंस के IPL मैच के दौरान आरोपी लाइव बॉल टू बॉल सट्टा खिला रहा है, सूचना मिलते ही एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन और एसडीओपी प्रभात पटेल के मार्गदर्शन में निरीक्षक नासिर खान की टीम ने तत्काल घेराबंदी की और मौके से आरोपी को धर दबोचा। जांच में सामने आया कि आरोपी कोई छोटा-मोटा सटोरिया नहीं बल्कि गंभीर आपराधिक इतिहास वाला शातिर है, जिसके खिलाफ 2023 में दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ था और जेल से जमानत पर छूटने के बाद उसने रायपुर के पंडरी इलाके में अपने साथियों के साथ ट्रेडिंग ऑफिस में डकैती को अंजाम दिया था, जिसके बाद से वह फरार चल रहा था। पुलिस ने जब आरोपी के मोबाइल की जांच की तो ऑनलाइन ट्रांजेक्शन, सट्टे के रेट, हार-जीत के हिसाब और डिजिटल चैट्स ने पूरे नेटवर्क का कच्चा चि_ा खोल दिया। इसी दौरान जांच में यह भी सामने आया कि रूपधर पटेल (22) निवासी बरभौना ने आरोपी को ₹1500 ऑनलाइन ट्रांसफर कर सट्टा लगाया था, जिसे पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की और उसके मोबाइल से फोन-पे ट्रांजेक्शन और व्हाट्सएप चैट के जरिए सट्टा खेलने के पुख्ता सबूत मिले। पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से ओप्पो रेनो 15 प्रो 5जी मोबाइल (₹68,000), रियलमी C-25S (₹12,000), नगदी ?2,230 और सट्टे से जुड़े अन्य डिजिटल साक्ष्य जब्त कर कुल ₹82,000 से अधिक की संपत्ति बरामद की। दोनों आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 की धारा 6 और 7 के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
इस पूरी कार्रवाई में निरीक्षक नासिर खान, प्रधान आरक्षक शंकर सिंह क्षत्री, शंभू पाण्डेय और आरक्षक राजेश राठौर, भगवती प्रसाद लक्ष्मे व सलीमा टोप्पो की अहम भूमिका रही। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने सख्त संदेश देते हुए कहा कि जिले में जुआ, सट्टा और ऑनलाइन बेटिंग का कोई भी नेटवर्क अब बच नहीं पाएगा और इसमें शामिल हर व्यक्ति को कानून के दायरे में लाया जाएगा। फिलहाल, इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि अपराधी चाहे जितना चालाक क्यों न हो, डिजिटल सबूत और पुलिस की पैनी नजर से बचना अब नामुमकिन है—गौरतलब है कि सट्टे का खेल जितना तेज होता है, उसका अंत उतना ही कड़ा होता है।
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