नई दिल्ली,06 मई (आरएनएस)। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल में केंद्र की प्रमुख स्वास्थ्य बीमा कार्यक्रम, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना को शुरू करने के लिए कमर कस ली है. यह फैसला भारतीय जनता पार्टी द्वारा राज्य विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के एक दिन बाद लिया गया है.
स्वास्थ्य मंत्रालय के एक सीनियर अधिकारी ने बताया, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) केंद्र सरकार की एक बड़ी हेल्थ स्कीम है. पश्चिम बंगाल अकेला ऐसा राज्य था जो इस स्कीम को लागू करने में पीछे रह गया.
अधिकारी के मुताबिक पश्चिम बंगाल में नई सरकार बनने के बाद आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) राज्य में घोषणा की जाने वाली पहली हेल्थ स्कीम होगी. असल में सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विजय दिवस के भाषण में यह भी कहा था कि बीजेपी की अगुवाई वाली पश्चिम बंगाल सरकार की पहली कैबिनेट आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की घोषणा करेगी.
जाने-माने हेल्थ एक्सपर्ट और एसोसिएशन ऑफ हेल्थकेयर प्रोवाइडर के डायरेक्टर जनरल गिरिधर ज्ञानी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में आयुष्मान भारत को लागू करने से इंटीग्रेशन में मुश्किलें आ सकती हैं, खासकर बेनिफिशियरी डेटाबेस और हॉस्पिटल नेटवर्क को अलाइन करने में. उन्होंने कहा, इससे देश भर के बड़े हॉस्पिटल तक पहुंच भी खुल सकती है और राज्य के हेल्थकेयर सिस्टम में एक्स्ट्रा सेंट्रल फंडिंग आ सकती है.
पश्चिम बंगाल अब तक अकेला ऐसा राज्य था जिसने इस स्कीम से बाहर रहने का ऑप्शन चुना था और इसके बजाय अपना खुद का प्रमुख कार्यक्रम, स्वास्थ्य साथी चलाने का फैसला किया था. ये बड़े हेल्थ प्रोटेक्शन मॉडल आउट-ऑफ-पॉकेट हेल्थकेयर खर्च को कम करने के लिए डिजाइन किए गए हैं, लेकिन ये स्केल, स्ट्रक्चर और फंडिंग मैकेनिज्म में अलग-अलग हैं.
केंद्र द्वारा 2018 में शुरू की गई आयुष्मान भारत को दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी फंडेड हेल्थ एश्योरेंस स्कीम माना जाता है. यह माध्यमिक और तृतीयक देखभाल अस्पताल में भर्ती के लिए हर परिवार को सालाना 5 लाख रुपये का हेल्थ कवर देती है.
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