उज्जैन 6 मई (आरएनएस)। बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय बाहुबली सांसद पप्पू यादव दो दिवसीय प्रवास पर उज्जैन पहुंचे। जहां उन्होंने महाकाल मंदिर में दर्शन के बाद पश्चिम बंगाल चुनाव नतीजों पर विवादित बयान दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव जीती नहीं, जिताई गई है। और अब भाजपा के गुंडे जश्न मना रहे हैं।
पप्पू यादव मंगलवार तड़के महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती में शामिल हुए और इसके बाद अन्य मंदिरों में भी दर्शन किए। बुधवार को बिहार रवाना होने से पहले उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि इंसानियत और मानवता की रक्षा के लिए महाकाल का आशीर्वाद लिया है।
उन्होंने कहा कि दुनिया युद्ध की ओर बढ़ रही है और नफरत खत्म कर मोहब्बत का रास्ता अपनाने की जरूरत है। यादव ने नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी माता के दर्शन भी किए।
पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि ईडी, सीबीआई और एनआईए जैसी एजेंसियों का दुरुपयोग किया गया। यादव ने कहा कि चुनाव में भारी सुरक्षा बलों की तैनाती की गई और ऐसा लग रहा था जैसे सुखोई और राफेल ही लगाना बाकी था। उन्होंने वोटिंग प्रतिशत पर भी सवाल उठाते हुए जांच की मांग की।
यादव बोले 90त्न प्रतिशत वोट कहां से कास्ट हो गया, एक बूथ पर तीन तो बक्सा रहता है या दो। यदि हम साढ़े दस घंटा भी वोट डालते हैं तो साढ़े नौ सौ वोट गिरता है। तो 92त्न प्रतिशत वोट कहां से गिर गया। साढ़े चार लाख का फ़ोर्स बंगाल भेज दिया। चार सौ बटालियन ममता दीदी के यहां तैनात की।
दोपहर 2 बजे के बाद सीसीटीवी फुटेज को चेक कराइये। ममता दीदी के सीट की गिनती सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के पांच सदस्य बेंच के नेतृत्व में कर लीजिए। यदि ममता दीदी हार जाएगी। तो जनादेश स्वीकार है। छोटी पार्टियों को कांग्रेस से लड़ाई नहीं लडऩी चाहिए। एक होकर के लड़ाई लडऩी चाहिए। मैं तो हाथ जोड़कर कहूंगा कांग्रेस और सभी विपक्ष से एक होकर के चुनाव लडि़ए।
पप्पू यादव ने अपने बयान में कई क्षेत्रीय नेताओं का जिक्र करते हुए कहा कि कई बड़े नेता और दल खत्म हो गए, अब विपक्ष को रणनीति बदलनी होगी।
उन्होंने कहा कि राजनीति में सेवा और संघर्ष की भावना को बनाए रखना जरूरी है और देशहित में एकजुटता ही आगे का रास्ता है।
भाजपा ने बालासाहेब ठाकरे को बर्बाद कर दिया, बादल खत्म, महबूबा खत्म, रेड्डी खत्म, चौटाला खत्म, भजन लाल खत्म, बंसी लाल खत्म, नीतीश कुमार खत्म, शिंदे खत्म, कौन बचा है। उन्होंने कहा कि पप्पू यादव जैसे लोगों को यह चिंतन और मंथन करना होगा की हमारी राजनीति का क्या होगा।

