उज्जैन 6 मई (आरएनएस)। सिंहस्थ महाकुंभ की तैयारियों का जायजा लेने पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक रामाश्रय पांडेय बुधवार को उज्जैन पहुंचे। एक दिवसीय दौरे पर उन्होंने सिंहस्थ से जुड़े कार्यों की समीक्षा की। पांडेय ने उज्जैन के आसपास तैयार हो रहे 10 रेलवे स्टेशनों का निरीक्षण किया।
उन्होंने बताया कि पिछले कुंभ मेले की तुलना में इस बार तीन गुना अधिक ट्रेनें चलाई जाएंगी। कुंभ से जुड़े अधिकांश कार्य सितंबर-अक्टूबर 2027 तक पूरे होने की संभावना है, जबकि कुछ कार्य दिसंबर 2027 तक पूर्ण किए जाएंगे।
उज्जैन में सिंहस्थ महापर्व की तैयारियों के तहत पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक रामाश्रय पांडेय ने सांसद अनिल फिरोजिया के साथ उज्जैन रेलवे स्टेशन सहित नईखेड़ी, पिंगलेश्वर, मोहनपुरा, पवासा, चिंतामन और विक्रम नगर स्टेशन क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
इस दौरान प्लेटफॉर्म विस्तार, होल्डिंग एरिया, नए अंडरपास, ट्रेनों के संचालन और यात्रियों की आवाजाही व्यवस्था की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि जून 2027 तक सभी कार्य गुणवत्तापूर्वक पूरे करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि सिंहस्थ में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
महाप्रबंधक रामाश्रय पांडेय ने बताया कि पिछले सिंहस्थ में करीब 2600 ट्रेनें चलाई गई थीं, जबकि इस बार लगभग 7800 ट्रेनें चलाने की योजना है। रेलवे के अनुमान के अनुसार, सिंहस्थ में आने वाले कुल श्रद्धालुओं में करीब 10 प्रतिशत लोग ट्रेन से उज्जैन पहुंचेंगे।
पांडेय ने कहा कि रेलवे ने इस परियोजना पर 2024 से काम शुरू कर दिया था। योजना से जुड़े अधिकांश कार्य पूरे हो चुके हैं। लक्ष्य है कि मुख्य कार्य सितंबर-अक्टूबर 2027 तक पूरे कर लिए जाएं, जबकि अस्थायी होल्डिंग एरिया दिसंबर 2027 तक तैयार कर लिया जाएगा।
सांसद अनिल फिरोजिया ने इंदौर-फतेहाबाद-उज्जैन-देवास रूट पर मेमू ट्रेनों को नियमित करने का प्रस्ताव रखा। साथ ही इंदौर, फतेहाबाद, बडऩगर, रतलाम, नागदा और उज्जैन मार्ग पर नई मेमू सेवाएं शुरू करने की मांग की। उन्होंने नागदा-कोटा मेमू ट्रेन को उज्जैन तक नियमित रूप से चलाने का मुद्दा भी उठाया। इससे विद्यार्थियों, कर्मचारियों, व्यापारियों और किसानों को राहत मिलने की संभावना जताई गई।

