दुर्ग, 07 मई (आरएनएस)। ऑनलाइन सट्टे के काले कारोबार में शामिल फरार आरोपियों पर दुर्ग पुलिस का ऐसा दबाव बना कि आखिरकार दोनों को कानून के सामने घुटने टेकने पड़े। धमधा थाना क्षेत्र में ऑनलाइन सट्टा संचालन मामले में लगातार छापेमारी, तकनीकी निगरानी और गिरफ्तारी की कार्रवाई से घबराकर दो आरोपी खुद पुलिस के सामने पहुंच गए। दुर्ग पुलिस की सख्त कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि ऑनलाइन सट्टे का नेटवर्क चलाने वालों के लिए अब बच निकलना आसान नहीं होगा। थाना धमधा में अवैध ऑनलाइन सट्टा संचालन के मामले में अपराध क्रमांक 193/2025 के तहत छत्तीसगढ़ जुआ एक्ट की धारा 7(2) में पहले से मामला दर्ज था और घटना के बाद से आरोपी लगातार फरार चल रहे थे। पुलिस टीम लगातार उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। तकनीकी विश्लेषण के जरिए उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। लगातार बढ़ते पुलिस दबाव और गिरफ्तारी के डर से आखिरकार दोनों आरोपियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की, जिसमें ऑनलाइन सट्टा संचालन से जुड़े पहलुओं की जांच की गई। पूछताछ पूरी होने के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड के लिए माननीय न्यायालय में पेश किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में नीतिश गुप्ता उम्र 35 वर्ष निवासी बनियापारा धमधा और अमित शर्मा उम्र 46 वर्ष निवासी ग्राम बिरझापुर शामिल हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी अवैध रूप से ऑनलाइन सट्टा संचालन कर आर्थिक लाभ कमाने में जुटे थे। प्रकरण में पूर्व में जब्त सामग्री के आधार पर वैधानिक कार्रवाई पहले ही की जा चुकी है। इस पूरे मामले में थाना धमधा पुलिस स्टाफ की सतत पता तलाश, तकनीकी विश्लेषण और लगातार छापेमारी की भूमिका को सराहनीय बताया गया है। दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के अवैध ऑनलाइन सट्टा, जुआ और साइबर अपराधों से दूर रहें और ऐसी गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि समाज को इस अवैध नेटवर्क से बचाया जा सके। फिलहाल, दुर्ग पुलिस की इस कार्रवाई ने ऑनलाइन सट्टा कारोबारियों को साफ चेतावनी दे दी है कि कानून से भागना अब आसान नहीं और देर-सवेर हर सट्टेबाज पुलिस के शिकंजे तक जरूर पहुंचेगा।
0
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

