सारंगढ़-बिलाईगढ़ 8 मई (आरएनएस) कानून व्यवस्था को नई धार देने वाले और साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त रणनीति के लिए पहचाने जाने वाले आईपीएस अधिकारी आंजनेय वार्ष्णेय को गुरुवार को बिलासपुर रेंज ने भावुक माहौल में विदाई दी, जहां पुलिस अफसरों और कर्मचारियों ने उन्हें सिर्फ एक अधिकारी नहीं बल्कि अनुशासन, ईमानदारी और नेतृत्व की मिसाल बताया। 8 मई 2026 को पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय बिलासपुर में आयोजित इस गरिमामयी समारोह में राम गोपाल गर्ग ने केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर स्थानांतरित हो रहे एसपी वार्ष्णेय को पुष्पगुच्छ, स्मृति चिन्ह और उपहार भेंट कर सम्मानित किया। समारोह में माहौल उस समय और भावुक हो गया जब आईजी ने उनके कार्यकाल को “उत्कृष्ट और प्रेरणादायक” बताते हुए कहा कि उन्होंने सिर्फ अपराध नियंत्रण नहीं किया बल्कि विभाग में अनुशासन और जवाबदेही की नई पहचान बनाई। 23 अप्रैल 2025 से 8 मई 2026 तक सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के पुलिस अधीक्षक रहे वार्ष्णेय ने कानून व्यवस्था को मजबूत करने, अपराध नियंत्रण और जनता से जुड़ी पुलिसिंग को प्राथमिकता दी। इससे पहले धमतरी और कोंडागांव जैसे चुनौतीपूर्ण और नक्सल प्रभावित इलाकों में भी उन्होंने पुलिस अधीक्षक के रूप में सेवाएं दीं और अपनी कार्यशैली से अलग पहचान बनाई। साइबर अपराधों पर उनकी गहरी पकड़ और सामुदायिक पुलिसिंग के प्रति समर्पण को लेकर पुलिस महकमे में उन्हें विशेष तौर पर जाना जाता है। आईजी गर्ग ने अपने संबोधन में कहा कि वार्ष्णेय जैसे अधिकारी विभाग की सबसे बड़ी ताकत होते हैं, जिनकी कार्यशैली युवा अधिकारियों के लिए मार्गदर्शन बनती है। वहीं विदाई के दौरान वार्ष्णेय ने भी बिलासपुर रेंज और पुलिस विभाग के प्रति आभार जताया और कहा कि राज्य से स्थानांतरण होने के बाद भी विभाग को जब भी जरूरत होगी, वे हमेशा सहयोग के लिए उपलब्ध रहेंगे। समारोह में विवेक शर्मा सहित रेंज कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे और सभी ने उन्हें भावभीनी विदाई दी। ग़ौरतलब है कि पुलिस महकमे में कुछ अधिकारी पद से नहीं बल्कि अपने काम और व्यवहार से याद रखे जाते हैं, और आंजनेय वार्ष्णेय उन्हीं चुनिंदा नामों में शामिल हो गए हैं।
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