दुर्ग, 09 मई (आरएनएस)। एक महीने तक चली तलाश ने सैकड़ों बिछड़े परिवारों की जिंदगी में फिर से खुशियां लौटा दीं और दुर्ग पुलिस ने पूरे प्रदेश में ऐसा रिकॉर्ड बनाया जिसने हर किसी का ध्यान खींच लिया। पुलिस मुख्यालय छत्तीसगढ़ के निर्देश पर 01 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक चलाए गए राज्यव्यापी विशेष अभियान ऑपरेशन तलाश में दुर्ग पुलिस ने प्रदेशभर में सबसे शानदार प्रदर्शन करते हुए 683 गुमशुदा व्यक्तियों और बच्चों को सुरक्षित दस्तयाब कर नया कीर्तिमान बना दिया। इस अभियान के दौरान जिलेभर में विशेष टीमें गठित की गईं। थाना प्रभारियों, विवेचना अधिकारियों और पुलिस टीमों ने लगातार फील्ड में उतरकर गुमशुदाओं की तलाश की। तकनीकी जानकारी, स्थानीय सूचना, लगातार निगरानी और समन्वय के जरिए एक-एक व्यक्ति तक पहुंच बनाई गई। अभियान में थाना जामुल और स्मृति नगर चौकी ने सबसे ज्यादा 48-48 गुमशुदाओं को खोज निकाला जबकि थाना पुरानी भिलाई ने 46 लोगों को सुरक्षित उनके परिवार तक पहुंचाया। उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए थाना प्रभारी जामुल रामेन्द्र सिंह, स्मृति नगर चौकी प्रभारी राजेश साहू और थाना प्रभारी पुरानी भिलाई अम्बर भारद्वाज को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि अगर पुलिस संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ काम करे तो सैकड़ों परिवारों की टूटी उम्मीदें फिर जुड़ सकती हैं। पूरे अभियान में दुर्ग जिले के सभी थाना प्रभारियों, विवेचना अधिकारियों और गठित विशेष टीमों की सक्रिय और सराहनीय भूमिका रही। दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि बच्चों और परिजनों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें और किसी भी गुमशुदगी की सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके। बहरहाल, ऑपरेशन तलाश अब सिर्फ पुलिस अभियान नहीं बल्कि उन परिवारों के लिए उम्मीद की मिसाल बन गया है, जिनके अपने कभी अचानक लापता हो गए थे।
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