नई दिल्ली ,10 मई ,। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (श्वक्कस्नह्र) के करीब 8 करोड़ सब्सक्राइबर्स के लिए एक बेहद शानदार और राहत भरी खबर है। अब आपको अपने प्रोविडेंट फंड (क्कस्न) का पैसा निकालने के लिए लंबे कागजी झमेलों और दिनों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। जल्द ही आप अपने पीएफ खाते से एटीएम (्रञ्जरू) और यूपीआई (क्कढ्ढ) के जरिए भी पैसा निकाल सकेंगे। ईटी नाउ के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस नई सुविधा के मई 2026 के अंत तक पूरी तरह से लाइव होने की उम्मीद है। ईपीएफओ डैशबोर्ड के आंकड़े बताते हैं कि वर्तमान में संगठन के 7.98 करोड़ से ज्यादा सदस्य हैं, जिनमें से 7.74 करोड़ लोगों की आधार-सत्यापित केवाईसी (्यङ्घष्ट) पूरी हो चुकी है।
श्वक्कस्नह्र 3.0: क्या है यह नया सिस्टम?
ईपीएफओ ने अपने डिजिटल ढांचे को आधुनिक बनाने और प्रक्रियाओं को तेज करने के लिए पिछले साल ही ‘श्वक्कस्नह्र 3.0Ó सिस्टम लॉन्च किया था। यह नया और पूरी तरह से यूजर-फ्रेंडली सिस्टम साल 2026 के मध्य तक पूरी तरह से लागू हो जाएगा। इस सिस्टम का मुख्य उद्देश्य पीएफ से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं को सरल बनाना और सदस्यों को आसान पहुंच प्रदान करना है। इसके तहत अब ऑटो-क्लेम सेटलमेंट और सदस्य की पसंद के किसी भी बैंक खाते में सीधे फंड ट्रांसफर करने जैसी सुविधाएं और भी आसान हो जाएंगी।
कैसे काम करेगी ्रञ्जरू और क्कढ्ढ सुविधा?
इस बड़े अपग्रेड के बाद पीएफ निकासी का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा। ईपीएफओ अपने सब्सक्राइबर्स को सीधे उनके पीएफ खाते से लिंक एक डेडिकेटेड एटीएम कार्ड जारी करेगा। इस कार्ड का इस्तेमाल करके सदस्य देश के किसी भी एटीएम से अपनी जरूरत के हिसाब से पीएफ का पैसा निकाल सकेंगे। इसके साथ ही, यूपीआई (क्कढ्ढ) के जरिए भी अपने बैंक खाते में पीएफ बैलेंस ट्रांसफर करने की सुविधा मिलेगी। हालांकि, निकासी की एक अधिकतम सीमा भी तय की गई है। नए नियमों के अनुसार, सदस्य यूपीआई या एटीएम के जरिए अपने कुल पीएफ बैलेंस का अधिकतम 50 प्रतिशत हिस्सा ही निकाल सकेंगे।
इस नई सुविधा का लाभ कौन उठा सकता है?
एटीएम और यूपीआई से पीएफ निकालने की इस नई सुविधा का लाभ उठाने के लिए सदस्यों को कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होंगी। सबसे पहले, उनका यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (्रहृ) पूरी तरह से एक्टिव होना चाहिए। इसके अलावा, ्रहृ के साथ सभी जरूरी केवाईसी डॉक्यूमेंट्स जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाता नंबर और ढ्ढस्नस्ष्ट कोड का लिंक होना अनिवार्य है।
श्वक्कस्नह्र ने बनाए क्लेम सेटलमेंट के नए रिकॉर्ड
श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने हाल ही में जानकारी दी थी कि वित्त वर्ष 2025-26 में ईपीएफओ ने 8.31 करोड़ क्लेम सेटल करने का रिकॉर्ड बनाया है, जो पिछले वित्त वर्ष (स्नङ्घ25) के 6.01 करोड़ से काफी ज्यादा है। इनमें से 5.51 करोड़ क्लेम एडवांस या आंशिक निकासी के थे। पीएफ की आसान पहुंच का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 71.11त्न एडवांस क्लेम ऑटो मोड में महज 3 दिनों के भीतर ही प्रोसेस कर दिए गए। इसके अलावा, 6.68 करोड़ सदस्यों ने बिना चेक लीफ अपलोड किए क्लेम दायर किए, और 70.55 लाख ट्रांसफर क्लेम पूरी तरह से ऑटोमेटिक प्रोसेस किए गए।
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