दुर्ग, 10 मई (आरएनएस)। भिलाई के आकाशगंगा मार्केट में उस वक्त अलग ही माहौल दिखा जब दुर्ग पुलिस सीधे बाजार के बीच पहुंची और सब्जी व्यापारियों, मजदूरों व वाहन चालकों को नशा, साइबर अपराध और यातायात नियमों पर ऐसी जागरूकता दी कि लोग देर तक पुलिस की बातें सुनते रहे। थाना सुपेला क्षेत्र के आकाशगंगा मार्केट में आयोजित पुलिस जनमित्र कार्यक्रम सिर्फ एक औपचारिक आयोजन नहीं बल्कि अपराध और हादसों के खिलाफ जमीनी अभियान बन गया, जहां पुलिस ने आम लोगों को बताया कि एक छोटी लापरवाही कैसे जिंदगीभर की मुसीबत बन सकती है। नगर पुलिस अधीक्षक सत्य प्रकाश तिवारी और थाना प्रभारी विजय यादव की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम में बाजार में काम करने वाले व्यापारियों, मजदूरों और वाहन चालकों को सीधे और सरल भाषा में समझाया गया कि नशा केवल व्यक्ति नहीं बल्कि पूरे परिवार को बर्बाद कर देता है, जबकि साइबर ठगी अब मोबाइल की एक क्लिक से लोगों की मेहनत की कमाई साफ कर रही है। कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने लोगों को टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1933, साइबर फ्रॉड शिकायत नंबर 1930 और यातायात नियम उल्लंघन की सूचना के लिए 1033 नंबर की जानकारी दी और शिकायत करने की पूरी प्रक्रिया भी समझाई। वाहन चालकों को हेलमेट और सीट बेल्ट अनिवार्य रूप से लगाने, ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करने और ट्रैफिक सिग्नल का पालन करने की सख्त समझाइश दी गई। पु
लिस ने मौजूद लोगों से यह भी अपील की कि अगर इलाके में कोई संदिग्ध गतिविधि, नशे का कारोबार या साइबर ठगी जैसी गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। आकाशगंगा मार्केट में हुए इस जनमित्र कार्यक्रम के जरिए दुर्ग पुलिस ने साफ संदेश दिया कि अपराध रोकने की लड़ाई केवल पुलिस की नहीं बल्कि जनता और पुलिस की साझी जिम्मेदारी है। बहरहाल, दुर्ग पुलिस का यह अभियान बाजारों और सड़कों तक पहुंच चुका है और अब जागरूक नागरिक ही अपराधियों के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार बनते दिखाई दे रहे हैं।
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