अंबिकापुर, 11 मई (आरएनएस)। सोशल मीडिया पर लड़की की फोटो लगाकर फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाना एक युवक को भारी पड़ गया। अभद्र कमेंट और वायरल पोस्ट से युवती की सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाले आरोपी को सरगुजा पुलिस ने साइबर ट्रैकिंग के जरिए ढूंढ निकाला और सीधे जेल पहुंचा दिया। अंबिकापुर के गांधीनगर थाना क्षेत्र में सामने आए इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने मेटा कंपनी से तकनीकी डिटेल मंगाकर आरोपी की डिजिटल कुंडली खंगाली और फिर दरिमा रोड कांतिप्रकाशपुर निवासी शिवम सिन्हा पिता नंदकेश्वर सिन्हा को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। मामला तब सामने आया जब 26 अप्रैल 2026 को पीडि़ता ने थाना गांधीनगर पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई कि उसकी फोटो का इस्तेमाल कर इंस्टाग्राम पर फर्जी अकाउंट बनाया गया है और उस अकाउंट से लगातार अपमानजनक पोस्ट व अभद्र कमेंट वायरल किए जा रहे हैं। शिकायत के बाद गांधीनगर पुलिस ने अपराध क्रमांक 231/2026 के तहत धारा 296 बीएनएस और 12 पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल अंबिकापुर को तकनीकी जांच सौंपी गई। जांच के दौरान पुलिस ने इंस्टाग्राम अकाउंट की यूजर डिटेल, मोबाइल नंबर, ईमेल और अन्य तकनीकी जानकारी मेटा कंपनी से हासिल की। डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल में सामने आया कि विवादित अकाउंट शिवम सिन्हा के नाम से संचालित हो रहा था। इसके बाद पुलिस टीम ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी के मोबाइल फोन की जांच में घटना से जुड़े फोटो, सोशल मीडिया अकाउंट और कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिले, जिसके बाद मोबाइल जब्त कर उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी, आरक्षक अरविंद उपाध्याय, ऋषभ सिंह तथा साइबर सेल के आरक्षक अमन पुरी और रमेश रजवाड़े की अहम भूमिका रही। बहरहाल, यह कार्रवाई उन लोगों के लिए सख्त चेतावनी है जो सोशल मीडिया की आड़ में किसी की प्रतिष्ठा से खिलवाड़ करने की कोशिश करते हैं, क्योंकि डिजिटल दुनिया में हर क्लिक का हिसाब अब पुलिस के पास पहुंच रहा है।
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