नई दिल्ली,11 मई (आरएनएस)। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के स्थान पर नया विकसित भारत – रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) अधिनियम (वीबी-जी राम जी अधिनियम) एक जुलाई से पूरे देश में लागू हो जाएगा. केंद्र सरकार ने सोमवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी की. ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह अधिनियम एक जुलाई से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू होगा.
एक अन्य अधिसूचना में मंत्रालय ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005 (मनरेगा) को निरस्त कर उसके स्थान पर नया अधिनियम लागू किया जाएगा. अधिसूचना में आश्वासन दिया गया है कि मनरेगा से नए ढांचे में परिवर्तन सुचारू रूप से होगा और श्रमिकों के लिए कोई समस्या नहीं होगी.
अधिसूचना में कहा गया है, 30 जून तक मनरेगा के तहत जारी कार्यों को सुरक्षित रखा जाएगा और उन्हें बिना किसी रुकावट के नए ढांचे में स्थानांतरित कर दिया जाएगा.
अधिसूचना के मुताबिक, मौजूदा ई-केवाईसी सत्यापित मनरेगा जॉब कार्ड तब तक वैध रहेंगे जब तक नए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी नहीं हो जाते. इसमें कहा गया है कि लंबित ई-केवाईसी के कारण श्रमिकों को रोजगार से वंचित नहीं किया जाएगा और जिनके पास जॉब कार्ड नहीं हैं, उनका पंजीकरण ग्राम पंचायत स्तर पर जारी रहेगा.
ग्रामीण विकास मंत्रालय ने कहा कि वेतन भुगतान, शिकायत निवारण, आवंटन मानदंड और परिवर्तन संबंधी प्रावधानों से जुड़े नियमों का मसौदा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के परामर्श से तैयार किया जा रहा है और जल्द ही सार्वजनिक परामर्श के लिए प्रकाशित किया जाएगा.
ग्राम पंचायतों को ग्रामीण परिवर्तन का केंद्रीय स्तंभ बताते हुए सरकार ने कहा कि नए कानून से रोजगार सृजन, ग्रामीण अवसंरचना विकास और गांवों में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
अधिसूचना जारी होने के बाद एक बयान में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, विकसित भारत जी राम जी अधिनियम की अधिसूचना जारी कर दी गई है. 1 जुलाई से, इस स्कीम के तहत ग्रामीण इलाकों के मजदूरों को सालाना 100 दिनों के बजाय 125 दिनों का रोजगार मिलेगा. बदलाव की अवधि के दौरान, मनरेगा के सभी नियम लागू रहेंगे और स्कीम के तहत लंबित काम 1 जुलाई तक जारी रहेंगे. राज्यों के साथ बातचीत चल रही है और नियमों को अंतिम रूप दिया जा रहा है. राज्यों को तैयारी के लिए छह महीने तक का समय मिलेगा. हालांकि, 1 जुलाई से, अगर कोई राज्य पूरी तरह से तैयार नहीं है, तो भी फंडिंग विकसित भारत जी राम जी योजना में शिफ्ट हो जाएगी. केंद्र सरकार ने इस स्कीम के लिए 95,600 करोड़ रुपये से ज्यादा दिए हैं, जबकि ज्यादातर राज्यों ने भी अपने बजट में इसका इंतजाम किया है. केंद्र और राज्यों का कुल आवंटन 1.51 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा होगा.
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