रायगढ़, 14 मई (आरएनएस)। खरसिया से चोरी हुई वेन्यू कार को दिल्ली में नंबर प्लेट बदलकर दौड़ा रहे शातिर कार मैकेनिक का खेल आखिरकार रायगढ़ पुलिस ने खत्म कर दिया और तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज व मोबाइल लोकेशन के दम पर इंटरस्टेट ऑपरेशन चलाकर आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार कर करीब 6 लाख रुपये की कार बरामद कर ली। मामला 6 मई 2026 का है, जब प्रार्थी संदीप कुमार ने चौकी खरसिया में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसके उपयोग में रहने वाली वेन्यू कार क्रमांक ष्टत्र 04 रूञ्ज 7666 घर के सामने से चोरी हो गई है। शिकायत मिलते ही थाना खरसिया में अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 218/2026 धारा 303(2) क्चहृस् के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी तथा एसडीओपी खरसिया प्रभात कुमार पटेल के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच के दौरान कार को एक होटल तक जाते देखा गया। होटल स्टाफ से पूछताछ में उस व्यक्ति की जानकारी मिली जो वाहन लेकर आया था। होटल में जमा पहचान दस्तावेज और तकनीकी विश्लेषण के जरिए पुलिस मोहम्मद आमिर तक पहुंची, जिसका मोबाइल लोकेशन दिल्ली क्षेत्र में ट्रेस हुआ। इसी बीच वाहन स्वामी विजय, जो प्रार्थी संदीप कुमार का जीजा है, ने पुलिस को बताया कि नवंबर 2025 में दुर्घटना के बाद कार की मरम्मत दिल्ली के एक मैकेनिक से कराई गई थी। यहीं से पुलिस को बड़ा सुराग मिला और प्रधान आरक्षक शिव कुमार वर्मा के नेतृत्व में टीम दिल्ली रवाना हुई। लगातार तीन दिन तक दिल्ली में पतासाजी और निगरानी के बाद आरोपी मोहम्मद आमिर पिता मुस्ताक हुसैन, उम्र 39 वर्ष, निवासी शाहदरा दिल्ली हाल मुकाम लोनी गाजियाबाद को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसने पहले ही कार की डुप्लीकेट चाबी तैयार कर ली थी और वाहन के जीपीएस सिस्टम की जानकारी होने के कारण योजनाबद्ध तरीके से खरसिया पहुंचकर कार चोरी की। आरोपी ने कार की असली नंबर प्लेट हटाकर दिल्ली नंबर प्लेट लगाई और उसे दिल्ली में उपयोग करना शुरू कर दिया। उसने यह भी कबूला कि वाहन को डेंटिंग-पेंटिंग कर दूसरे राज्य में बेचने की तैयारी थी। आरोपी की निशानदेही पर दिल्ली के एमसीडी पार्किंग क्षेत्र से चोरी गई वेन्यू कार बरामद की गई। पुलिस ने करीब 6 लाख रुपये मूल्य की कार जब्त कर आरोपी के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर धारा 318 क्चहृस् यानी धोखाधड़ी की धारा भी जोड़ी। ट्रांजिट रिमांड पर आरोपी को रायगढ़ लाकर खरसिया न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पूरे ऑपरेशन में आरक्षक कीर्ति सिदार, आरक्षक केशव चौहान और साइबर थाना के आरक्षक धनंजय कश्यप की भूमिका भी अहम रही। बहरहाल, इस कार्रवाई ने साफ कर दिया कि अब वाहन चोर सिर्फ ताले नहीं तोड़ रहे, बल्कि तकनीकी चालें चल रहे हैं, लेकिन रायगढ़ पुलिस भी डिजिटल सुरागों के दम पर अपराधियों तक पहुंचने में पीछे नहीं है।
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