लखनऊ( आरएनएस ), 14 मई 2026। उत्तर प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा देने और ग्रामीण क्षेत्रों के शिक्षित युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संचालित प्रशिक्षित कृषि उद्यमी स्वावलंबन योजना (एग्रीजंक्शन) प्रदेश में कृषि आधारित उद्यमिता का मजबूत माध्यम बनकर उभर रही है। यह योजना कृषि स्नातकों को रोजगार तलाशने वाले युवाओं से आगे बढ़ाकर उन्हें कृषि उद्यमी के रूप में स्थापित करने का अवसर प्रदान कर रही है।प्रदेश सरकार की इस योजना का उद्देश्य आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक पद्धतियों के माध्यम से कृषि उत्पादकता बढ़ाना तथा किसानों को एक ही स्थान पर गुणवत्तायुक्त खाद, बीज, कीटनाशक, तकनीकी सलाह और सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना है। एग्रीजंक्शन केंद्र किसानों के लिए ‘वन स्टॉप सेंटरÓ की तरह कार्य कर रहे हैं, जहां मिट्टी परीक्षण से लेकर फसल प्रबंधन तक की विशेषज्ञ सलाह उपलब्ध कराई जाती है।योजना के अंतर्गत कृषि, उद्यान एवं संबद्ध विषयों में स्नातक युवाओं को कृषि सेवा केंद्र स्थापित करने के लिए प्रशिक्षण, ऋण पर ब्याज में छूट और शुरुआती चरण में दुकान किराये जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। चयनित अभ्यर्थियों को व्यवसाय प्रबंधन, आधुनिक कृषि तकनीक और इन्वेंट्री संचालन का प्रशिक्षण देकर उन्हें पेशेवर कृषि उद्यमी के रूप में तैयार किया जाता है।प्रदेश सरकार के अनुसार एग्रीजंक्शन योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन का प्रभावी माध्यम बन रही है। इससे युवाओं को गांवों में ही सम्मानजनक स्वरोजगार मिल रहा है, वहीं किसानों को वैज्ञानिक खेती अपनाने में सहायता प्राप्त हो रही है। संतुलित उर्वरक उपयोग, मिट्टी परीक्षण और आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रयोग से खेती की लागत कम होने और उत्पादन बढऩे की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।सरकार का मानना है कि यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और ‘वोकल फॉर लोकलÓ के विजन को मजबूती प्रदान कर रही है। एग्रीजंक्शन केंद्रों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियां बढ़ रही हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में धन का प्रवाह मजबूत हो रहा है। इसके साथ ही प्रदेश के एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त करने में भी यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।जनपद बिजनौर के किरतपुर निवासी कृषि स्नातक विपुल कुमार इस योजना के लाभार्थियों में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से 12 दिन का नि:शुल्क प्रशिक्षण मिलने के बाद खाद, बीज और कीटनाशक विक्रय का लाइसेंस प्राप्त हुआ। साथ ही एग्रीजंक्शन केंद्र स्थापित करने के लिए 3.50 लाख रुपये का ऋण ब्याज में छूट के साथ उपलब्ध कराया गया तथा एक वर्ष का दुकान किराया भी सरकार ने वहन किया। उनके अनुसार केंद्र के माध्यम से किसानों को गुणवत्तायुक्त सामग्री और खेती से जुड़ी उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उत्पादन बढ़ाने में मदद मिल रही है।प्रदेश सरकार का लक्ष्य प्रत्येक ब्लॉक स्तर तक एग्रीजंक्शन केंद्रों का विस्तार कर कृषि को अधिक लाभकारी और तकनीक आधारित बनाना है, ताकि शिक्षित युवाओं को स्वरोजगार और किसानों को बेहतर कृषि सेवाएं एक साथ उपलब्ध हो सकें।
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