कांकेर, 15 मई (आरएनएस)। जहां कभी सिर्फ डर, जंगल और नक्सल प्रभाव की चर्चा होती थी, वहां अब पुलिस राहत सामग्री, योजनाओं की जानकारी और भरोसे का हाथ लेकर पहुंच रही है। उत्तर बस्तर कांकेर जिले के अंतिम छोर और धमतरी-कोंडागांव सीमावर्ती नक्सल प्रभावित ग्राम साईंमुंडा में कांकेर पुलिस ने ऐसा सिविक एक्शन कार्यक्रम आयोजित किया, जिसने दूरदराज के ग्रामीणों को पहली बार सुरक्षा के साथ संवेदना का एहसास कराया। पुलिस अधीक्षक श्री निखिल राखेचा (भा.पु.से.) के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री योगेश साहू के नेतृत्व में 14 मई 2026 को पुलिस टीम गांव पहुंची, जहां ग्रामीणों के बीच जनसंवाद, राहत वितरण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। सीता नदी एरिया कमेटी से प्रभावित इस संवेदनशील क्षेत्र में पुलिस अधिकारियों और जवानों ने ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं और भरोसे का माहौल बनाने की कोशिश की। कार्यक्रम के दौरान जरूरतमंद ग्रामीणों को साड़ी, धोती, चप्पल, गमछा, टी-शर्ट, लोवर, कंबल, कॉपी, पेन-पेंसिल और राशन सामग्री वितरित की गई।
पुलिस टीम ने ग्रामीणों को महतारी वंदन योजना, वृद्धा पेंशन, राशन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक खाता और आयुष्मान कार्ड जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी और पात्र हितग्राहियों को जल्द लाभ दिलाने का भरोसा दिलाया। ग्रामीणों ने पुलिस टीम को गांव में तेंदुआ और हाथियों के बढ़ते खतरे तथा पानी में फ्लोराइड की समस्या से भी अवगत कराया, जिस पर पुलिस ने संबंधित विभागों से समन्वय कर समाधान कराने का आश्वासन दिया। स्वास्थ्य सुविधाओं से दूर ग्रामीणों को बेहतर इलाज, गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने और नियमित स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी दी गई। बच्चों को स्कूल भेजने, शिक्षा के प्रति जागरूक करने और आंगनबाड़ी व स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर दिया गया। कांकेर पुलिस ने ग्रामीणों से शांति, भाईचारा और विकास में सहयोग करने की अपील की और भटके युवाओं तथा माओवादी विचारधारा से जुड़े लोगों से मुख्यधारा में लौटकर सामान्य जीवन अपनाने का संदेश दिया। इस अभियान में निरीक्षक योगेंद्र कुमार वर्मा चौकी प्रभारी दुधावा, दुधावा चौकी स्टाफ तथा ष्ठक्रत्र क्यूटो टीम कोरर से प्रधान आरक्षक शैलेश मंडावी सहित अन्य जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कांकेर पुलिस ने लोगों से किसी भी आपात स्थिति, संदिग्ध गतिविधि या सहायता की जरूरत पडऩे पर पुलिस हेल्पलाइन 94791-55125 पर तुरंत संपर्क करने की अपील भी की। बहरहाल, साईंमुंडा में आयोजित यह सिविक एक्शन सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि जंगल के अंतिम छोर तक भरोसे, सुरक्षा और विकास पहुंचाने की बड़ी पहल बनकर उभरा है।
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