-किया गया निलंबित, मुकदमा दर्ज, विभागीय जांच भी शुरू
मेरठ ,16 मई (आरएनएस)। विजिलेंस के कार्यालय पर तैनात गारद के कमांडर पर सिपाही ने इंसास राइफल में गोलियां भरकर तान दी। कमांडर ने भाग कर जान बचाई। सिपाही करीब 200 मीटर तक इसास लेकर कमांडर के पीछे दौड़ा। कमांडर की शिकायत पर मामले की सीओ सिविल लाइंस से जांच कराई। जांच में पुष्टि होने पर सिपाही के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। साथ ही एसएसपी ने उसे निलंबत कर दिया.
पुलिस लाइन से विजिलेंस के कार्यालय पर पुलिस की गारद लगी हुई है। गारद में हेडकांस्टेबल अनिल कुमार कमांडर हैं, जबकि सिपाही हेमंत कुमार गारद में उनके अधीनस्थ के रूप में तैनात है। कमांडर अनिल कुमार ने आदेश जारी कर दिया कि ड्यूटी के दौरान कोई भी विजिलेंस कार्यालय से दूर नहीं जाएंगा। सिर्फ छुट्टी लेकर ही गारद से जाने की अनुमति है। अभी तक गारद में तैनात सिपाही विजिलेंस कार्यालय के स्टाफ के चले जाने पर इधर-उधर घूमते थे। यहां तक की अपने घर भी चले जाते थे। कमांडर अनिल कुमार द्वारा प्रतिबंध लगाने पर शुक्रवार की रात को सिपाही हेमंत ने शराब पी। उसके बाद इंसास गोलियां भरकर कमांडर के ऊपर तान दी।
हेमंत की इस हरकत को देखकर अनिल कुमार भागने लगे। इंसास लेकर हेमंत भी उनके पीछे-पीछे दौडऩे लगा। बीच सड़क पर अनिल कुमार पर गोली चलाने की धमकी दी गई। इसी बीच आसपास के लोग भी जमा हो गए। अनिल की तरफ से मामले की सूचना आरआइ हरपाल सिंह को दी गई। उन्होंने पूरा मामला एसएसपी को बताया। एसएसपी अविनाश पांडेय ने सीओ शुचिता सिंह से पूरे मामले की जांच कराई। उसके बाद ही सिपाही हेमंत पर सरकारी ड्यूटी पर होते समय सरकारी असलाह का दुरुपयोग करना और जान से मारने की नियत से पीछे दौडऩे का मुकदमा दर्ज कराया।
इन्होंने कहा
विजिलेंस की गारद में तैनात सिपाही हेमंत के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के साथ-साथ निलंबन की कार्रवाई की गई। मेडिकल रिपोर्ट में भी अल्कोहल की पुष्ट हो गई है। साथ ही सिपाही की विभागीय जांच खोल दी गई। उसका आधा वेतन भी रोक दिया गया।-अविनाश पांडेय, एसएसपी
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