अब हिंदी में भी होगी सुनवाई एवं दस्तावेज स्वीकार
प्रयागराज ,16 मई (आरएनएस)। व्यापारियों, अधिवक्ताओं एवं करदाताओं के लिए बड़ी राहत देते हुए जीएसटी अपीलीय ट्रिब्यूनल की प्रयागराज समेत उत्तर प्रदेश के पांच प्रमुख शहरों प्रयागराज, लखनऊ, गाजियाबाद, वाराणसी एवं आगरा में पीठों का औपचारिक गठन कर दिया गया है। साथ ही ट्रिब्यूनल में हिंदी भाषा में दस्तावेज स्वीकार किए जाने की व्यवस्था लागू होने से व्यापारिक एवं कानूनी क्षेत्र में इसे ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
कर एवं वित्त सलाहकार अधिवक्ता विवेक कुमार शुक्ल इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि यह निर्णय प्रदेश के लाखों व्यापारियों, करदाताओं एवं अधिवक्ताओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा। उन्होंने कहा कि लंबे समय से ट्रिब्यूनल के पूर्ण संचालन एवं हिंदी भाषा को मान्यता दिए जाने की मांग की जा रही थी, जिसे अब मूर्त रूप मिला है।
उन्होंने बताया कि प्रयागराज में न्यायिक सदस्य एवं तकनीकी सदस्य की खंडपीठ नियमित रूप से मामलों की सुनवाई करेगी। ट्रिब्यूनल द्वारा मामलों को विभिन्न श्रेणियों में विभाजित कर सुनवाई प्रक्रिया को व्यवस्थित किया गया है। साथ ही हाइब्रिड एवं वर्चुअल सुनवाई की सुविधा उपलब्ध होने से दूरदराज के व्यापारियों एवं अधिवक्ताओं को भी राहत मिलेगी।
कर एवं वित्त सलाहकार अधिवक्ता विवेक कुमार शुक्ल इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि अब तक अंग्रेजी भाषा में दस्तावेज प्रस्तुत करना छोटे एवं मध्यम व्यापारियों के लिए बड़ी समस्या थी। अधिकांश व्यापारी अपने व्यापारिक अभिलेख हिंदी में रखते हैं, लेकिन अपील एवं कानूनी प्रक्रिया में अंग्रेजी की अनिवार्यता के कारण उन्हें अतिरिक्त आर्थिक एवं मानसिक बोझ उठाना पड़ता था। हिंदी में दस्तावेज स्वीकार होने से अब व्यापारी अपनी बात अधिक स्पष्टता और सहजता से रख सकेंगे।
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